रायबरेली में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, जगतपुर-डलमऊ मार्ग जलमग्न; घरों की चौखट तक पहुंचा पानी
जल निकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का प्रदर्शन; जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में उठी स्थायी ड्रेनेज सिस्टम की मांग, आंदोलन की चेतावनी
जगतपुर, रायबरेली, अमृत विचार। लगातार बारिश के बाद रायबरेली के जगतपुर में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। जगतपुर-डलमऊ मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है और अब सड़क पर जमा पानी आसपास के घरों की चौखट तक पहुंचने लगा है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क से पानी निकालने और भविष्य में जलभराव की समस्या रोकने के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था बनाने की मांग की।
बाईपास निर्माण के बाद बिगड़ी जल निकासी व्यवस्था
प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने कहा कि प्रयागराज-लखनऊ हाईवे के निर्माण के दौरान जगतपुर में बाईपास बनाया गया था। उनके मुताबिक बाईपास निर्माण के समय पहले से मौजूद जल निकासी व्यवस्था समाप्त हो गई।
उन्होंने बताया कि फिलहाल कुछ पाइपों के जरिए पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बारिश के दौरान यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं होती। इसी वजह से तेज बारिश होते ही जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर पानी जमा हो जाता है।
दो साल से शिकायत, फिर भी स्थायी समाधान नहीं
राकेश सिंह राना ने आरोप लगाया कि जल निकासी की समस्या को लेकर पिछले दो वर्षों से जिलाधिकारी, सिंचाई विभाग और एनएचएआई अधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
जलभराव के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं, आसपास रहने वाले लोगों के घरों में भी पानी घुसने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि प्रशासन को अब कागजी कार्रवाई के बजाय मौके पर पहुंचकर तत्काल समस्या का समाधान करना चाहिए। उनका कहना है कि पहले सड़क से पानी निकालने की व्यवस्था की जाए और उसके बाद ऐसी स्थायी ड्रेनेज प्रणाली तैयार हो, जिससे भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में ओम प्रकाश त्रिपाठी, शिवप्रसाद तिवारी, अमित कुमार, विकास रावत, मनोज निर्मल और मंटू अग्रहरि समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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