Shravasti News : जलौनी के नाम पर जंगल में चल रही कुल्हाड़ी, प्रतिबंधित पेड़ काट कर बेंच रहे लकड़हारे
पेड़ काटकर साइकिल से बाजारों में पहुंचा रहे लकड़ी
श्रावस्ती के ककरदरी और हरदत्तनगर गिरंट जंगलों में अवैध पेड़ कटान के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि लकड़ी काटकर साइकिल से आसपास के बाजारों में 600 से 800 रुपये तक में बेची जा रही है। डीएफओ ने कार्रवाई और साइकिल जब्त करने की बात कही है।
जमुनहा (श्रावस्ती), अमृत विचार। बरसात के मौसम में श्रावस्ती के ककरदरी और हरदत्तनगर गिरंट के जंगलों में अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि लकड़हारे प्रतिबंधित और बेशकीमती पेड़ों को काटकर उनके छोटे-छोटे टुकड़े कर रहे हैं और जलौनी के नाम पर आसपास के बाजारों व चौराहों पर बेच रहे हैं। जंगल से पेड़ों की लगातार कटान से वन संपदा के साथ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी संकट गहराने लगा है।
पेड़ काटकर साइकिल से बाजारों में पहुंचा रहे लकड़ी
स्थानीय लोगों के मुताबिक ककरदरी और हरदत्तनगर गिरंट के जंगलों में लकड़हारों ने कुल्हाड़ी की धार तेज कर दी है। पेड़ों को काटने के बाद उनके छोटे-छोटे टुकड़े कर बोझ तैयार किए जाते हैं। इसके बाद साइकिल पर लादकर इन्हें आसपास के बाजारों और चौराहों पर पहुंचाया जाता है।
जमुनहा बाजार, बनगई बाजार, कानीबोझी, वीरगंज बाजार, बैरियल चौराहा, बोहरवा, साई गांव चौराहा, माल्ही चौराहा, बदला चौराहा, लक्ष्मणपुर कोठी और परसा देहरिया समेत कई स्थानों पर लकड़ी के बोझ करीब 600 से 800 रुपये तक में बेचे जाने की बात सामने आई है।
गैस महंगी, तो दुकानों में जल रही जंगल की लकड़ी
बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में व्यावसायिक गैस की कीमत और उपलब्धता को लेकर परेशानी के चलते होटल, रेस्टोरेंट, ठेले और अन्य दुकानों पर ईंधन के तौर पर जंगल की लकड़ियों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इसी मांग का फायदा उठाकर जंगल से लकड़ी काटकर बाजार में खपाने का आरोप है।
वन्यजीवों का छिन रहा प्राकृतिक आवास
जंगल में पेड़ों की कटान का असर वन्यजीवों पर भी पड़ रहा है। जानकारों के मुताबिक पेड़ों की कमी से जंगली जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है और वे भोजन व सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने को मजबूर हो सकते हैं। इससे इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव का खतरा भी बढ़ रहा है।
विभागीय मिलीभगत के आरोप, कार्रवाई का भरोसा
स्थानीय लोगों ने वन क्षेत्र में हो रही कटान में विभागीय कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद जिम्मेदार अक्सर जांच और कार्रवाई का भरोसा देते हैं, लेकिन अवैध कटान पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। डीएफओ धनराज मीणा ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जाएगी और लकड़ी ढोने में इस्तेमाल की जा रही साइकिल जब्त की जाएगी।
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