बादलों के घर और चाय बागानों के आंगन में टॉय ट्रेन की छुक-छुक

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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यात्रा करना नए स्थानों को देखने और घूमने के साथ विभिन्न संस्कृतियों, व्यंजनों और विविध परिदृश्यों की खोज भी है। यात्रा  हमें अन्य लोगों से मिलने-जुलने का अवसर देकर शहरी भागदौड़ भरी जिंदगी से सुकून के बीच प्रियजनों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अवसर प्रदान करती है। देश के लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शामिल दार्जिलिंग की यात्रा आपको ऐसा ही यादगार अनुभव देती है। बर्फीली हिमालय श्रृंखला, घुमावदार पैदल पथ, घाटियां, मठ, मोमोज, चाय के बागान और खिलौना ट्रेन के साथ हरी-भरी पहाड़ियों के बीच शांत वनस्पति और प्राकृतिक दृश्यों का आकर्षण यहां की यात्रा को रोमांचक और अविस्मरणीय बना देते हैं।
 
दार्जिलिंग लगभग 6710 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। दार्जिलिंग नाम दो तिब्बती शब्दों ' दोरजे ' और ' लिंग ' से मिलकर बना है , जिनका अर्थ है भूमि। इस प्रकार दार्जिलिंग का शाब्दिक अर्थ है 'बिजली की भूमि'। 1835 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अधिग्रहण किए जाने से पहले, दार्जिलिंग सिक्किम का हिस्सा था, उस समय सिक्किम एक स्वतंत्र राज्य था। मानसून में दार्जिलिंग की छटा और निखर जाती है। यहां बरसात आमतौर पर जून के मध्य में शुरू होकर सितंबर तक चलती है। हालांकि मानसून के दौरान भूस्खलन की संभावना रहती है और बारिश के कारण कुछ सड़कें बंद भी हो जाती हैं। लेकिन बारिश के मौसम में दार्जिलिंग बेहद खूबसूरत और रोमांटिक लगता है, हालांकि बादल छाए रहने से पहाड़ों के दृश्य दिखाई नहीं देते। लेकिन पर्यटक कम होने से आपको अपेक्षाकृत शांत और कम भीड़भाड़ वाला दार्जिलिंग देखने को मिलता है। हमने भी दार्जिलिंग की सैर इसी साल जून के अंतिम सप्ताह में की। वैसे यहां घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से नवंबर तक माना जाता है।

गांधी रोड : दार्जिलिंग का मुख्य बाजार और शॉपिंग हब है। यहां आप स्थानीय कला, हस्तशिल्प उत्पादों, पश्मीना, चाय, धार्मिक आइटम्स, और अन्य वस्त्रों की खरीददारी कर सकते हैं। इसके अलावा, यहां रेस्तरां और कॉफी शॉप भी हैं जहां आप  मसालेदार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं। इ बाजार में स्थानीय, विदेशी उत्पादों की खरीददारी की जा सकती है। गांधी रोड घूमते समय स्थानीय कला, रंगमंच, और फोटोग्राफी के प्रदर्शन भी देख सकते हैं। 

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे: दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, जिसे "टॉय ट्रेन" के नाम से भी जाना जाता है, एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और यह विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है। यह एक छोटी नैरोगेज रेलवे है जो दार्जिलिंग शहर को पर्यटन स्थलों से जोड़ती है। यह रेलवे इंजीनियरिंग की एक अद्वितीय मिसाल है और इसकी छोटी छोटी खूबसूरत पटरियों के बीच घूमते हुए आप अनोखे अनुभवों का आनंद ले सकते हैं। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को 1881 में ब्रिटिश सरकार द्वारा शुरू किया गया था। टॉय ट्रेन में आप घूम से दार्जिलिंग तक का सफर कर सकते हैं।

टाइगर हिल - दार्जिलिंग से करीब 13 किमी दूर स्थित सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है । यह  कंचनजंगा पर्वत पर सूर्योदय के दृश्य के लिए प्रसिद्ध है  यहां से आपको माउंट कंचनजंगा और माउंट एवरेस्ट की चोटियां नजर आएंगी। सुबह के समय सूरज की पहली किरणें देखने का अद्भुत नजारा आप यहां ले सकते हैं। इसके लिए आपको सनराइज से पहले पहुंचना होगा। इस व्यू पॉइंट को देखने के लिए सुबह अच्छी भीड़ पहुंचती है। यहां आसमान नारंगी और गुलाबी रंग में बदलने के साथ सुंदरता से भर उठता है, और सुबह होने का संकेत देता है।

 बतासिया लूप और युद्ध स्मारक :  बतासिया लूप इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। इसे खूबसूरती से डिजाइन किया गया है, जिसमें घुमावदार रेलवे ट्रैक से दार्जिलिंग की प्राकृतिक सुंदरता का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। टॉय ट्रेन में लूप से गुजरते हुए आप शानदार पहाड़ों का नजारा देख सकते हैं। पर्यटक यहां टॉय ट्रेन की सवारी के साथ मनमोहक दृश्यों का आनंद उठाते हैं। यहां आने का सबसे अच्छा समय या तो सुबह का है या फिर दोपहर बाद। यहां बने मेमोरियल से कंचनजंगा की चोटियों का पैनोरमिक व्यू दिखाई देता है। आप यहां दार्जिलिंग की ड्रेस में फोटो खिंचवा सकते हैं। खूबसूरत बगीचा और युद्ध स्मारक फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए उपयुक्त स्थान है।

हैप्पी वैली टी एस्टेट : दार्जिलिंग जाएं और चाय के बागानों में फोटो न खिंचवाएं तो यात्रा अधूरी लगती है। आप हैप्पी वैली टी स्टेट में जाकर चाय के बाग और यहां की चाय को इंजॉय कर सकते हैं। चाय के बागान और उनके ढलानों में टहल सकते हैं। फैक्ट्री में जाकर चाय बनाने की पूरी प्रक्रिया भी देख सकते हैं। यहां चाय पीने का अनुभव बेहद रोमांचक होता है। चाय के शौकीन किसी भी व्यक्ति के लिए इस जगह की यात्रा किसी सपने के सच होने जैसी है।

पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क : आप बच्चों के साथ हैं तो चिड़ियाघर जा सकते हैं। यहां आपको कई तरह के हिमालयी जीव देखने को मिल जाएंगे। खासतौर से यहां व्हाइट टाइगर, रेड पांडा, स्नो लेपर्ड और तिब्बतियन वुल्फ जैसे दुर्लभ जानवर देखने को मिलेंगे।

जापानी पीस पागोडा : ये दार्जिलिंग का सबसे शांत और खूबसूरत पॉइंट है। पहाड़ी की चोटी पर बसा सफेद स्तूप बौद्ध धर्म के प्रतीक और शांति के केंद्र है। यहां से पूरा दार्जिलिंग शहर आपको दिखता है। कुछ पल यहां सुकून के बिता सकते हैं।
 

- रोहित टंडन, उद्यमी कानपुर