अल्मोड़ा में फर्जी अंकपत्र से नौकरी पाने वाली शिक्षामित्र की सेवा समाप्त

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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा शिक्षा विभाग में तैनात एक शिक्षामित्र का अंकपत्र अवैध पाया गया। विभागीय जांच में मामले की पुष्टि होने के बाद महिला ​शिक्षामित्र की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। गौरतलब है कि फर्जी डिग्री से नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के दौरान जनपद के विकासखंड ताड़ीखेत के राजकीय प्राथमिक …

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा शिक्षा विभाग में तैनात एक शिक्षामित्र का अंकपत्र अवैध पाया गया। विभागीय जांच में मामले की पुष्टि होने के बाद महिला ​शिक्षामित्र की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। गौरतलब है कि फर्जी डिग्री से नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के दौरान जनपद के विकासखंड ताड़ीखेत के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनारी में तैनात महिला शिक्षा मित्र पुष्पा बुधानी के अंक पत्र में गड़बड़ी होने का मामला सामने आया था।

रामनगर बोर्ड में शिक्षा मित्र के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के दौरान उसका इंटरमीडिएट का अंकपत्र फर्जी पाया गया था। शिक्षिका के इंटरमीडिएट के अंकपत्र में 209 अंक दर्ज है, जबकि विभाग में दिए गए अंकपत्र में 229 अंक दर्ज थे। बोर्ड ने शिक्षा विभाग को पत्र भेज मामले में जांच के निर्देश दिए।

विभागीय अधिकारियों द्वारा शिक्षा मित्र को 19 दिसंबर को पक्ष रखने का समय दिया गया। लेकिन 19 दिसंबर को महिला शिक्षामित्र ने प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए और 23 दिसंबर तक का समय मांगा। जिसके बाद शिक्षिका निर्धारित तिथि को कार्यालय पहुंची, जहां उसने अपने अंकपत्र फर्जी होने की बात स्वीकारी।

बताते चलें कि महिला शिक्षा मित्र ने नैनीताल जिले के राइंका ढोकाने से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। ​विभाग ने अंकपत्र के सत्यता के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य से भी अनुरोध किया। प्रधानाचार्य द्वारा भी उक्त महिला शिक्षा मित्र के इंटरमीडिएट उत्तीर्ण वर्ष 2001 के अनुक्रमांक 0235510 के अवैध होने की पुष्टि की।

प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी एचबी चंद ने बताया कि महिला 2012 से शिक्षा विभाग में अनुबंध के तौर पर कार्यरत थी। जांच में अंक पत्र के फर्जी होने की पुष्टि के बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए महिला शिक्षा मित्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आगे ठोस कार्रवाई के लिए ​जैसे निर्देश प्राप्त होंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

बताते चलें कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश भर में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के अंकपत्रों व समस्त प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है। इधर जिले में 2659 शिक्षकों के ​शैक्षिक दस्तावेजों की जांच अलग-अलग संस्थानों में जारी है।

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