हल्द्वानी: बंदी की एसटीएच में मौत, परिजनों ने लगाए जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप
अमृत विचार, हल्द्वानी। गोकशी के आरोप में हल्द्वानी जेल में बंद एक कैदी की एसटीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बंदी की मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जेल, पुलिस, एसटीएच प्रशासन पर लापरवाही और गुमराह करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग …
अमृत विचार, हल्द्वानी। गोकशी के आरोप में हल्द्वानी जेल में बंद एक कैदी की एसटीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बंदी की मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जेल, पुलिस, एसटीएच प्रशासन पर लापरवाही और गुमराह करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
इंदिरानगर छोटी मस्जिद निवासी अनीस (26) पुत्र रफीक खान गोकशी के मामले में पिछले दो साल से हल्द्वानी जेल में बंद था। तबीयत खराब होने पर उसे पिछले साल 24 दिसंबर को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। बंदी की शनिवार दोपहर इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद कई स्तरों पर बरती गई अनियमितता और लापरवाही का मामला प्रकाश में आया।
मृतक के भाई फईम ने बताया कि जेल और पुलिस प्रशासन ने अनीस की तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी नहीं दी। वह पिछले 11 दिनों से अस्पताल में भर्ती था। लेकिन चार दिन पहले उन्हें इसकी जानकारी मिली। जेल और पुलिस पर सवाल उठाने के साथ ही परिजनों ने एसटीएच प्रशासन पर भी गुमराह करने का आरोप लगाया। बताया कि इलाज और मौत के बारे में उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।
यह भी आरोप लगाया कि पिछले दिन अनीस को इंजेक्शन देने के बाद हालत बिगड़ी। इंजेक्शन देने के बाद उसे खून की उल्टियां हुई थीं। मृतक की बहन शबाना और बहनोई नासिर ने प्रशासन से इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में जेल अधीक्षक मनोज आर्य का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ था। बनभूलपुरा एसओ मोहम्मद युनूस का कहना था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। जबकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल डॉ. सीपी भैसोड़ा का कहना है कि इस संबंध में अधीनस्थों से रिपोर्ट मांगी है।
