बरेली: प्रवेश और परीक्षा के बीच अटकी पढ़ाई

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कोरोना की वजह से महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में पटरी से उतरी पढ़ाई व्यवस्था अभी तक ट्रैक पर नहीं आ सकी है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में वर्ष 2020 प्रवेश प्रक्रिया में बीत गया और 2021 परीक्षा की प्रक्रिया में गुजरेगा। यहां तक की इस दौरान परीक्षा और प्रवेश दोनों …

अमृत विचार, बरेली। कोरोना की वजह से महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में पटरी से उतरी पढ़ाई व्यवस्था अभी तक ट्रैक पर नहीं आ सकी है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में वर्ष 2020 प्रवेश प्रक्रिया में बीत गया और 2021 परीक्षा की प्रक्रिया में गुजरेगा।

यहां तक की इस दौरान परीक्षा और प्रवेश दोनों साथ-साथ भी जारी हैं। ऑफलाइन कक्षाएं न लगने से ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई पर जोर दिया गया लेकिन इसकी भी उचित व्यवस्था न होने की वजह से इस सत्र में पढ़ाई पूरी नहीं हो सकेगी। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रवेश और परीक्षा के बीच अटककर रह गई है।

पढ़ाई पूरी न होने पर छात्रों को परीक्षा के दौरान भी दिक्कत होगी। कितने पाठ्यक्रम की परीक्षाएं होंगी, इसका निर्णय अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से नहीं किया गया।

कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा तो सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय बंद कर दिए गए थे, जब अनलॉक शुरू हुआ तो विश्व विद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2020-21 में स्नातक और स्नातकोत्तर में प्रवेश की प्रक्रिया मई के शुरुआत में शुरू की लेकिन सीटें खाली ही रह गईं। सबसे ज्यादा सीटें परास्नातक में खाली रहीं, क्योंकि स्नातक अंतिम वर्ष के परिणाम जारी नहीं हुए थे।

अक्टूबर में रिजल्ट जारी होने के बाद परास्नातक में प्रवेश शुरू हुए। उसके बाद से अभी तक लगातार प्रवेश चल रहे है। सीटें खाली होने की वजह से बिना प्रवेश परीक्षा देने वालो के भी प्रवेश लिए जा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए। लेकिन जब रिजल्ट ही नहीं आए तो आगे की कक्षा की पढ़ाई कैसे छात्र करते।

शासन के निर्देश पर 23 नवंबर के बाद से कक्षा शुरू कर पढ़ाई शुरू हुई । लेकिन कुछ दिन बाद ही 16 दिसंबर से विधि की परीक्षाएं शुरू हो गईं। इससे बरेली कॉलेज समेत कई महाविद्यालयों में पढ़ाई का शेड्यूल बिगड़ गया। अब वर्ष 2021 में 19 जनवरी से सुधार परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।

इससे साफ है कि अब कम दिन ही कक्षाएं संचालित हो सकेंगी। ऑफलाइन कक्षाएं संचालित न होने के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए गए लेकिन कई छात्र इंटरनेट या मोबाइल की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं, तो कई शिक्षक भी ऑनलाइन माध्यम से छात्रों से जुड़े नहीं हैं।

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