बाराबंकी: ग्रामीण मेले से पुनः जीवित हो जाती है भाईचारे की परंपरा- पूर्व विधायक सुंदर लाल दीक्षित

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हैदरगढ़, बाराबंकी। ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले मेला व रामलीला देखकर लोगों में अपने धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ती है, ग्रामीण मेले से भाईचारे की परंपरा पुनः जीवित हो जाती है। यह बात भाजपा पूर्व विधायक पंडित सुंदरलाल दीक्षित ने आयोजित मेला कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहीं। ग्राम सभा थलवारा में ब्रह्म देव बाबा …

हैदरगढ़, बाराबंकी। ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले मेला व रामलीला देखकर लोगों में अपने धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ती है, ग्रामीण मेले से भाईचारे की परंपरा पुनः जीवित हो जाती है। यह बात भाजपा पूर्व विधायक पंडित सुंदरलाल दीक्षित ने आयोजित मेला कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहीं। ग्राम सभा थलवारा में ब्रह्म देव बाबा के स्थान पर ग्रामीणों के सहयोग से रामलीला का आयोजन किया गया।

रामलीला का उद्घाटन करते हुए भाजपा पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित ने कहा कि ऐसे आयोजनों से आपस में भाईचारा बना रहता है। रामलीला में आज फुलवारी लीला, धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद का मंचन किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से शिवकुमार, राजाराम चौरसिया, इंद्रसेन मौर्य, दयाशंकर द्विवेदी, दयाराम निषाद, माताफेर सिंह, राज किशोर पांडे, राम लखन मौर्य, पूर्व सदस्य जिला पंचायत महेश यादव सहित हजारों की संख्या में लोगों ने रामलीला का आनंद उठाया। पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित ने भगवान राम लक्ष्मण की आरती उतारी तथा माल्यार्पण कर अमन चैन का आशीष मांगा।

 

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