हल्द्वानी: सावधान! रिकवर होने के बाद भी हो सकता है कोरोना
हल्द्वानी,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों में फिर से संक्रमित होने की दर देखी जा रही है। अस्पतालों में पिछले दो माह में 10 प्रतिशत मरीज ऐसे आए हैं, जो फिर से कोरोना का शिकार हुए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार इंफेक्शन के मामलों में 90 से 100 दिन का …
हल्द्वानी,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों में फिर से संक्रमित होने की दर देखी जा रही है। अस्पतालों में पिछले दो माह में 10 प्रतिशत मरीज ऐसे आए हैं, जो फिर से कोरोना का शिकार हुए हैं।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार इंफेक्शन के मामलों में 90 से 100 दिन का समय लग सकता है। एंटी बाडी तीन महीने तक शरीर में रहता है, लेकिन कई में यह पांच महीनों तक रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का संक्रमण दोबारा भी हो सकता है। दोबारा कोरोना संक्रमित होने पर पहले के मुकाबले खतरा बढ़ जाता है। हाल ही स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि ठीक हुए लोगों में फिर से संक्रमण हो रहा है। हल्द्वानी शहर में ही ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जो एक बार कोरोना से ठीक होने के बाद एक और दो माह के अंदर दोबारा संक्रमित हो गए। दोबारा संक्रमित होने वालों में डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल हैं।
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दूसरी बार संक्रमित होने पर देखे जा रहे गंभीर लक्षण
दूसरी बार संक्रमित होने पर कोरोना के मरीजों में गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं। एक बार संक्रमित होने पर इम्यूनिटी को लेकर कोई गांरटी नहीं दी जा सकती। ऐसे केस में व्यक्ति में चक्कर आना, ऑक्सीजन का स्तर होना, बुखार, सिरदर्द, डायरिया, निमोनिया के लक्षण देखे जा रहे हैं। – डॉ. डीसी पंत, फिजीशियन
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लोगों में यह धारणा बन गई है कि एक बार कोरोना संक्रमित होने के बाद दोबारा वे बीमार नहीं हो सकते हैं। लिहाजा लापरवाही बरतते हुए खुलेआम बिना मास्क के घूमते रहते हैं। संक्रमण के कारण वैसे ही इम्यूनिटी काफी कम हो जाती है। ऐसे में दोबारा संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नजर अंदाज करने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। – डॉ. अरुण जोशी, चिकित्सा अधीक्षक सुशीला तिवारी अस्पताल
