हल्द्वानी: शशि की ‘ख्वाहिश’ से कई ख्वाहिशों को लगे पंख
हल्द्वानी,अमृत विचार। वर्तमान समय में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए ख्वाहिश संस्था की शशि साहू समाज के लिए एक नजीर की तरह हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार मुहैया कराना शशि का पहला कार्य है। इसी जुनून की बदौलत वह अब तक पांच हजार महिलाओं को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित कर …
हल्द्वानी,अमृत विचार। वर्तमान समय में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए ख्वाहिश संस्था की शशि साहू समाज के लिए एक नजीर की तरह हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार मुहैया कराना शशि का पहला कार्य है। इसी जुनून की बदौलत वह अब तक पांच हजार महिलाओं को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित कर उनका जीवन संवार चुकी हैं।
मूल रूप से बरेली की रहने वाली शशि हल्द्वानी में चौधरी कॉलोनी में रहती हैं। वह पिछले दस सालों से अपने एनजीओ के माध्यम से महिलाओं को कंप्यूटर, सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दे रही हैं। उनसे प्रशिक्षण लेने के बाद गौलापार की दो युवतियों दीपा बोरा और संगीता बिष्ट ने उनकी संस्था के नाम पर ही अपना पार्लर खोला है। शशि ने बताया कि 12वीं पास करने के बाद ही उनकी शादी हो गई थी।
ससुराल आने पर पति मनोज कुमार साहू ने पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने कौशल प्रशिक्षण के गुरु भी सीखे और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ख्वाहिश नाम से संस्था की शुरुआत की। देखते-देखते उनकी संस्था से लोग जुड़ने लगे। उनके पास लॉकडाउन से पहले 150 महिलाएं प्रशिक्षण ले रही थीं। अभी कोरोना के कारण 35 लोगों को वहल प्रशिक्षण दे रही हैं। शशि कानून के क्षेत्र में आगे जाना चाहती हैं, इसके लिए वह अभी एलएलबी की पढ़ाई भी कर रही हैं। क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य के लिए गई हुईं थी। उनका मकसद है कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जाए। आज उनकी संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण ले चुकीं महिलाएं स्वरोजागर कर मुनाफा कमा रही हैं।
