बरेली: राजेंद्रनगर में फैली कोरोना वैक्सीन में गाय और कुत्ते का मांस मिला होने की अफवाह

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए कोविड वैक्‍सीनेशन शुरू होने के बाद अब शरारती तत्‍व इसे लेकर अफवाहें फैलाने लगे हैं। शहर के पॉश इलाके में खुराफातियों ने लिफाफे में पत्र लिखकर लोगों के घरों में फेंक दिए। इनमें लिखा था कि वैक्सीन में गाय और कुत्ते का मांस मिला हुआ …

अमृत विचार, बरेली। कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए कोविड वैक्‍सीनेशन शुरू होने के बाद अब शरारती तत्‍व इसे लेकर अफवाहें फैलाने लगे हैं। शहर के पॉश इलाके में खुराफातियों ने लिफाफे में पत्र लिखकर लोगों के घरों में फेंक दिए। इनमें लिखा था कि वैक्सीन में गाय और कुत्ते का मांस मिला हुआ है, इसलिए उसे न लगाएं। लोगों ने जब पर्चे देखे तो वहां भीड़ जुट गई और हंगामा मच गया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पत्र को कब्जे में लेकर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। रविवार सुबह राजेंद्र नगर के रहने वाले अभय शिव, रजत वसीम, कैलाश यादव और प्रेम कुमार, अश्वनी के घर के दरवाजे के सामने लिफाफे में बंद चिट्ठियां पड़ी हुई थीं। जब लोगों ने उन्हें खोलकर देखा तो उसमें हस्तलिखित एक पत्र था जिसमें लिखा था कि कोविड वैक्सीन में गाय और कुत्ते का मांस मिलाकर तैयार किया गया है।

इसलिए इसे न लगवाया जाए। पत्र में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन पर भी अभद्र टिप्पणी की गई है। इसमें 5 जी जैसे शब्‍दों का इस्‍तेमाल करते हुए फरीदाबाद के एक डॉक्‍टर का मोबाइल नंबर भी परामर्श के लिए अंकित किया गया है। इसकी सूचना लोगों ने आवास विकास पुलिस चौकी को दी।

इसके बाद सभी लोग चिट्ठी लेकर इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश यादव के पास पहुंचे, साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने सभी चिट्ठियों को अपने कब्जे में लिया है। इसके बाद एसपी सिटी के आदेश पर हेड कांस्टेबल चंद्रवीर सिंह की ओर से प्रेमनगर थाने में आपदा प्रबंधन अधिनियम, धारा 144 का उल्लंघन और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं, मौके पर लगे सीसीटीवी की वीडियो भी चेक की जा रही है। हालांकि, रात तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला था।

भ्रामक पत्र मिलने पर हुआ हंगामा
वैक्सीन को लेकर भ्रामक चिट्टियां मिलने के बाद जब यह खबर मोहल्ले में फैली तो लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद हंगामा मच गया। लोग अपने परिचित डॉक्टरों से फोन पर वैक्सीन के बारे में जानकारी जुटाने लगे। चिट्ठी में आयुर्वेदिक परामर्श के लिये जिस मोबाइल नंबर का हवाला दिया गया था उस पर कई लोगों ने फोन किया लेकिन वह नंबर बंद बताता रहा।

5 जी तकनीक का इस्तेमाल न करें
राजेंद्र नगर में फेंके गए पत्र में लिखा गया कि सेहत के लिए 4 जी तकनीक को ही अपनाएं। 5 जी तकनीक सेहत के लिए हानिकारक है। इसके साथ ही कैश न रखकर गोल्ड को रखें इसकी कीमत बढ़ती है।

कोरोना वैक्सीन को लेकर भ्रामक पत्र कुछ घरों में भेजा गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी से खुराफातियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। – रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

यह पूरी तरह निराधार और असत्य बातें हैं। पूरे जिले में टीकाकरण शनिवार को सही ढंग से हुआ। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और इतने कम समय में देश के वैज्ञानिकों द्वारा वैक्सीन तैयार करना गर्व की बात है। यह शरारती तत्वों द्वारा किया गया है जिस पर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है। -डा.रंजन गौतम, एसीएमओ

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