बरेली: चार साल बाद केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान को मिले स्थाई निदेशक

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अमृत विचार, बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के बायोलॉजिकल स्टरलाइजेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. अशोक कुमार तिवारी को पदोन्नत कर केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) का स्थाई निदेशक नियुक्त किया गया है। डा. तिवारी ने संस्थान के निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बता दें कि केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में नवम्बर …

अमृत विचार, बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के बायोलॉजिकल स्टरलाइजेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. अशोक कुमार तिवारी को पदोन्नत कर केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) का स्थाई निदेशक नियुक्त किया गया है। डा. तिवारी ने संस्थान के निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बता दें कि केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में नवम्बर 2017 से निदेशक का पद रिक्त चल रहा था। हालांकि, इस दौरान संस्थान के शोध व अन्य क्रियाकलाप कार्यकारी निदेशकों के दिशा-निर्देशों पर हो रहे थे।

डा. एके तिवारी ने वर्ष 1984 में जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय, पंतनगर से पशु चिकित्सा में स्नातक किया है। स्नातक के बाद वर्ष 1987 व 1990 में इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान से परास्नातक एवं पीएचडी की। वर्ष 1990 में ही एग्रीकल्चर रिसर्च सर्विस में वैज्ञानिक के रूप में चयनित हुए।

आईवीआरआई से आईसीएआर तक के सेवा काल के दौरान डा. एके तिवारी ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं। पुरस्कारों में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में वर्ष 2012 में आईसीएआर नई दिल्ली द्वारा डा. सी सुब्रह्मण्यम उत्कृष्ट शिक्षक अवार्ड व वर्ष 2014 में हरिओम आश्रम अवार्ड से सम्मानित हुए थे। इसके अलावा विभिन्न वैज्ञानिक संगठनों व सोसाइटीज द्वारा भी विभिन्न पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

डा. तिवारी द्वारा लिखित 210 शोधपत्र व पुस्तकें भी भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुकी है। डा. तिवारी ने तीन वैक्सीन व चार डायग्नोस्टिक किट भी विकसित की है। भारत सरकार द्वारा केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर का निदेशक नियुक्त होने के बाद डा. एके तिवारी ने बताया कि केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान को सर्वोच्च संस्थानों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

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