हल्द्वानी: केवल ढाई टन टमाटर ही पहुंच रहा मंडी
प्रशांत पांडेय,हल्द्वानी। कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन की वजह से किसानों द्वारा फसलों को बेचने के लिए अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसका सीधा असर स्थानीय नवीन मंडी में पर भी दिखने लगा है। फसलों की आवक में भारी कमी आई है। जबकि इससे पूर्व यहां की मंडी से टमाटरों की भारी आवक होने …
प्रशांत पांडेय,हल्द्वानी। कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन की वजह से किसानों द्वारा फसलों को बेचने के लिए अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसका सीधा असर स्थानीय नवीन मंडी में पर भी दिखने लगा है। फसलों की आवक में भारी कमी आई है। जबकि इससे पूर्व यहां की मंडी से टमाटरों की भारी आवक होने पर जम्मू से होते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान तक को निर्यात किया जाता रहा है। पूर्व में रोजाना मंडी में 10 टन से ज्यादा टमाटरों की आवक होती थी जो वर्तमान में घट कर दो से ढाई टन तक सिमट गई है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक मंडी में टमाटर सहित अनेक सीजनल सब्जियों और फलों की भारी आवक होती थी। वर्तमान समय में आस पास के किसान ही टमाटर की बिक्री के लिए पहुंचते हैं। यहां रोजाना लगभग ढाई टन टमाटर पहुंच पा रहा है। जबकि कोरोना काल से पूर्व मुम्बई, दिल्ली सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में यहां के टमाटर का निर्यात किया जाता था। आवक कम होने के कारण मंडी को भी घाटे का सामना करना पड़ रहा है।
सीजनल सब्जी और फलों से आय बढ़ने की उम्मीद
हालांकि मंडी में अभी भी सब्जियों और फलों की पर्याप्त आवक नही हो रही है। कुल मिलाकर 5-6 टन की ही आवक हो रही है, लेकिन विभागीय कर्मचारी दोबारा आय की स्थिति सुधरने की उम्मीद जता रहे हैं। उनके मुताबिक सेव, आड़ू आदि फलों की आवक से स्थिति में तेजी से सुधार होगा।
टमाटर की भारी आवक और स्वादिष्ट होने के कारण यहां के टमाटरों को ज्यादा पसंद किया जाता रहा है। वर्तमान में मंडी में आवक कम है, लेकिन आने वाले समय में सीजनल सब्जियों और फलों की आवक में इजाफा होने के उम्मीद है। – उमेश चंद्र त्रिपाठी, मंडी निरीक्षक, हल्द्वानी
