बरेली: निलंबित कर्मचारियों का वेतन निकलवाने का काम कर रहा रैकेट
अमृत विचार, बरेली। डीपीआरओ कार्यालय में वेतन और वेतन वृद्धि की धनराशि निकलवाने का काम एक रैकेट कर रहा है। इस रैकेट में कार्यालय में तैनात एक बाबू और भुता ब्लॉक में तैनात एक सफाई कर्मी शामिल हैं। कार्यालय सूत्रों की मानें तो क्लर्क ने सफाई कर्मी के माध्यम से रामनगर और भोजीपुरा के एक-एक …
अमृत विचार, बरेली। डीपीआरओ कार्यालय में वेतन और वेतन वृद्धि की धनराशि निकलवाने का काम एक रैकेट कर रहा है। इस रैकेट में कार्यालय में तैनात एक बाबू और भुता ब्लॉक में तैनात एक सफाई कर्मी शामिल हैं। कार्यालय सूत्रों की मानें तो क्लर्क ने सफाई कर्मी के माध्यम से रामनगर और भोजीपुरा के एक-एक सफाई कर्मी से रुपये ले लिए हैं लेकिन इन लोगों का अब तक वेतन नहीं निकल सका है।
जिला पंचायत राज विभाग के गांवों में कई सफाई कर्मचारियों को लापरवाही बरतने के आरोप में अधिकारियों ने निलंबित कर दिया था। निलंबित कर्मचारियों को अधिकारियों ने बहाल तो कर दिया लेकिन यहां भी उन्हें सिफारिश लगानी पड़ी। जितने दिन सफाई कर्मचारी सस्पेंड रहे उतने दिन का वेतन उन्हें नहीं मिल सका। ऐसे में सफाई कर्मचारियों को एक रैकेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इस रैकेट में भुता में तैनात सफाई कर्मी और डीपीआरओ कार्यालय में तैनात एक बाबू शामिल हैं। ये दोनों मिलकर सफाई कर्मियों से रुपये लेने का काम करते हैं।
कार्यालय सूत्रों की मानें तो रामनगर में तैनात एक सफाई कर्मी कई माह तक निलंबित रहा था। उसे कुछ माह पहले ही बहाल किया गया है। निलंबन के दौरान उसका करीब तीन लाख रुपया फंस गया। जब वह कार्यालय भागते-भागते थक गया तो उसने भुता के सफाई कर्मी से कंधा मिलाया। भुता में तैनात सफाई कर्मी ने रुपये निकलवाने के लिए आधी धनराशि तय की लेकिन बाद में सौदा एक लाख रुपये में तय हो गया।
रामनगर में तैनात सफाई कर्मी ने उसे रुपये दे दिए लेकिन अब तक रुपये नहीं निकल सके हैं। वहीं, भोजीपुरा की एक महिला सफाई कर्मी के भी करीब 70 हजार रुपये विभाग में अटके हैं। भुता के सफाई कर्मी ने इस महिला सफाई कर्मी से भी 14000 रुपये ले लिए लेकिन उसके रुपये अब तक नहीं निकल सके हैं। ऐसे में महिला सफाई कर्मी ने सीडीओ से शिकायत करने की बात कही है।
मामला संज्ञान में नहीं है लेकिन यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। पता किया जाएगा कि किन-किन लोगों से रुपये लिए गए हैं। मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। – धर्मेन्द्र कुमार, डीपीआरओ
