हल्द्वानी: होली गायन का तीसरा चरण शुरू, ऑनलाइन झूमे दर्शक

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अमृत विचार, हल्द्वानी। हिमालय संगीत शोध समिति की ओर से तीसरे चरण की होली गायन शनिवार से शुरू किया गया। इस मौके पर वंडर्स इंडिया के बैनर पर ऑनलाइन माध्यम से दर्शकों ने होली के गीतों का आनंद उठाया। विरासत: एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत ऑनलाइन प्रस्तुतियों को सुनने के लिये बड़ी संख्या में …

अमृत विचार, हल्द्वानी। हिमालय संगीत शोध समिति की ओर से तीसरे चरण की होली गायन शनिवार से शुरू किया गया। इस मौके पर वंडर्स इंडिया के बैनर पर ऑनलाइन माध्यम से दर्शकों ने होली के गीतों का आनंद उठाया। विरासत: एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत ऑनलाइन प्रस्तुतियों को सुनने के लिये बड़ी संख्या में दर्शक जुड़े रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में श्यामकल्याण राग में संगीताचार्य डॉ.पंकज उप्रेती ने आचार्य धीरज उप्रेती की तबला संगत में बहुत दिनन से रूठे श्याम को मना लाऊंगी, वृंदावन की कुंज गलिन से गोदी में उठा लाऊंगी की प्रस्तुति दी। लोकेश कुमार ने राग काफी में आशुतोष उप्रेती की तबला संगत में तेरे कान्हा गारी दई, मैंने कछु न कही गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। पंकज जोशी ने क्रम को आगे बढ़ाते हुए ऐसे व्रज के बसन से मैं आई बाज, शुभम मठपाल ने राग देश में सैंया बुलाए आधी रात, नदियां बैरी भई, वरिष्ठ होल्यार ललित मोहन जोशी ने सहाना में नाहक कान्हा मोहे आन जगावे, मुरली अधर धर तान सुनावे और योगेश उपाध्याय ने खमाज में चतुर तुम कान्हा जाने ना पाओगे, मैं खेलूंगी तोसे होरी की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके अलावा शुभम पोखरिया, कुश जोशी, तनुज उपाध्याय, सुरेश जोशी, गौरव वर्मा, गणेश भट्ट, राजेश कुमार, कपिल उप्रेती, जगदीश पांडेय की सुंदर प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे।

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