सितारगंज: क्षेत्रीय दौरे पर आए महानिरीक्षक ने किया एसएसबी कैंप का निरीक्षण।
सितारगंज,अमृत विचार। सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक संजय कुमार ने शनिवार को उकरोली स्थित 57 वीं वाहिनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वाहिनी के कमान अधिकारी बृजपाल सिंह नेगी ने आगंतुकों को वाहिनी के कार्य क्षेत्र के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई निरीक्षण के दौरान महा निरीक्षक ने एसएसबी के जवानों को ट्रेंड …
सितारगंज,अमृत विचार। सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक संजय कुमार ने शनिवार को उकरोली स्थित 57 वीं वाहिनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वाहिनी के कमान अधिकारी बृजपाल सिंह नेगी ने आगंतुकों को वाहिनी के कार्य क्षेत्र के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई निरीक्षण के दौरान महा निरीक्षक ने एसएसबी के जवानों को ट्रेंड ट्रांजिट रूट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने भारत नेपाल सीमा चौकी का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को नेपाली सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि सीमा पर लगातार नाका पैट्रोलिंग के साथ ही आस पास के लोगों के जीवन स्तर में सुधार व लोगों से मित्रवत सम्बन्ध बनाए रखें। इस दौरान अनुज थपलिय उप महानिरीक्षक,डाक्टर अतुल बन्देबुचे, सुरेश कुमार,सुबिन्द्र अंबावत शामिल रहे।
रेरा के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे लकोनाइज़र
प्रशासनिक उदासीनता से मूलभूत सुविधाओं से वंचित कॉलोनीवासीसितारगंज। प्रशासनिक अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली के चलते क्षेत्र में सक्रिय कालोनाइजर सभी नियम व कानूनों को धता बताकर मनमानी पर उतारू हैं। नगर में रेरा के नियमों के खुले उल्लंघन के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूक दर्शक बने बैठे है। आलम यह है कि इन कालोनियों में मकान बनाने वाले लोगों को वर्षों तक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करना पड़ रहा है। जिसकी एक बानगी शनिवार को देखने को मिली। परेशान कालोनी वासियों ने क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा से मामले की शिकायत की।बात दें कि नगर स्थित वार्ड नंबर छह में रेरा के नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनाइजर ने अवैध कॉलोनिया बसाकर खरीदारों को बेच दी।
वहीं खरीदार रिंकू भारती, रामादेवी, वीरू भारती, नन्हे लाल, राकेश, सूरज, दिनेश, कल्लू राम, महेंद्र पाल, धर्मवीर, बांकेलाल, राजेश कुमार व मुकेश ने बताया कि आवाज के लिए प्रॉपर्टी डीलर से प्लाट खरीदने के समय डीलर ने कॉलोनी काटते वक्त उन्हें सड़क नाली बिजली आदि जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का वादा किया था। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी कॉलोनी के लोगों को सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाई। जिसकी वजह से कॉलोनी के निवासी प्लॉट की रकम चुकाने के बावजूद अंधेरे में जीवन यापन करने के लिए मजबू
