बाजपुर: बरहैनी गांव के दो बच्चे जंगल में लकड़ी बीनते-बीनते पहुंच गए हल्द्वानी
बाजपुर, अमृत विचार। दो दिनों से लापता जंगल में लकड़ी बीनने गए दो बच्चे सकुशल अपने घर पहुंच गए, जिससे परिवार जनों के साथ ही पुलिस प्रशासन से राहत की सांस ली है। नई सड़क बरहैनी निवासी दीपक (13) पुत्र मनोज, अनीश (14) पुत्र नबी हसन व फरमान (11) पुत्र जलीस साइकिलों से शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे बरहैनी वन क्षेत्र …
बाजपुर, अमृत विचार। दो दिनों से लापता जंगल में लकड़ी बीनने गए दो बच्चे सकुशल अपने घर पहुंच गए, जिससे परिवार जनों के साथ ही पुलिस प्रशासन से राहत की सांस ली है। नई सड़क बरहैनी निवासी दीपक (13) पुत्र मनोज, अनीश (14) पुत्र नबी हसन व फरमान (11) पुत्र जलीस साइकिलों से शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे बरहैनी वन क्षेत्र में जलोनी लकड़ी बीनने के लिए गए थे।
जिसमें फरमान तो लकड़ी लेकर घर वापस लौट आया, जबकि दीपक व अनीश देर शाम तक भी घर नहीं पहुंचे, जिससे परिजनों को उनकी चिंता हुई और परिवार जन उनकी खोज में निकल गए। परिजनों से मिली जानकारी के बाद समाजसेवी वीरेंद्र सिंह बिष्ट व व्यापार मंडल जिला उपाध्यक्ष सनी आनंद ने पुलिस चौकी बरहैनी में सूचना दी। इस संबंध में वन विभाग को भी जानकारी दी गई।
पुलिस व वन विभाग के कर्मचारियों ने बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी। जंगल के अंदर एक जायरत के पास बच्चों की साइकिलें तो खड़ी मिलीं, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया।
शनिवार को दोपहर बाद दोनों बच्चे अचानक घर पहुंच गए जिन्हें देखकर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिस को पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वह लकड़ी बीनने काफी अंदर चले गए और फिर रास्ता भूल गए जिसके चलते भटक कर हल्द्वानी के नजदीक जा पहुंचे। वहां उन्होंने एक अनजान जगह पर रात बिताई और शनिवार की सुबह पैदल ही सड़क के सहारे घर की ओर चल दिए। रास्ते में उन्होंने कुछ लोगों को अपने भटकने की जानकारी दी तो उन्होंने निजी बस में गांव के लिए बैठा दिया। बच्चों के सकुशल वापस लौटने पर परिजनों के साथ ही पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
