काशीपुर: किसान की बेटी ने राष्ट्रीय एथलीट में झटका रजत

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काशीपुर, अमृत विचार। रांची में आयोजित दो दिवसीय सीनियर नेशनल एथलीट प्रतियोगिता में किसान की बेटी पायल ने पहली बार में ही रजत पदक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 13-14 फरवरी तक रांची झारखंड में 8वीं सीनियर नेशनल ओपन और 4वीं अंतर्राष्ट्रीय एथलीट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 10, 20 और 50 …

काशीपुर, अमृत विचार। रांची में आयोजित दो दिवसीय सीनियर नेशनल एथलीट प्रतियोगिता में किसान की बेटी पायल ने पहली बार में ही रजत पदक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

13-14 फरवरी तक रांची झारखंड में 8वीं सीनियर नेशनल ओपन और 4वीं अंतर्राष्ट्रीय एथलीट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 10, 20 और 50 किलोमीटर दौड़ में धावकों ने भाग लिया। ग्राम खरमासा काशीपुर निवासी धावक पायल ने 20 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभाग किया। पायल ने यह दूरी 1 घंटा 44 मिनट में पूरी की। सोने से एक कदम पीछे रहते हुए उसे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर ओलंपिक के लिए चयन होना था, लेकिन वह एक कदम पीछे रह गई। वह स्पोर्टस स्टेडियम स्थित साई सेंटर में कोच चंदन सिंह नेगी ने पिछले तीन वर्षो से एथलीट का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। लॉकडाउन के बाद सेंटर में पहला पदक आने पर हर्ष व्यक्त किया है। साई केंद्र प्रभारी ज्योति शाह, एथलीट कोच सीएस नेगी, ताईक्वांडो कोच नीरज कुमार, बॉक्सिंग कोच पंकज कुमार यादव, विजेंद्र चौधरी ने खिलाड़ी को बधाई दी।

लॉकडाउन में गांव की सड़कों पर लगाई दौड़

काशीपुर। धावक पायल ने बताया कि वह किसान परिवार से ताल्लुक रखती है। गांव के लड़के-लड़कियों को दौड़ते देख उस पर धावक बनने का जुनून सवार हुआ। वर्ष 2017 में 12 कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद साई सेंटर में चयन हुआ। इसके बाद कोच चंदन सिंह नेगी से एथलीट का प्रशिक्षण प्राप्त करने लगी। जनवरी 2020 में विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया, लेकिन पदक पाने में असफलता मिली। बताया कि इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पाने के लिए लॉकडाउन के दौरान गांव में ही सड़कों पर दौड़ती रही। आगामी प्रतियोगिता में पदक पाने के लिए कमियों को दूर करते हुए अधिक समय देंगी। ओलंपिक में स्वर्ण पदक पाना मुख्य उद्देश्य है। पिता मुन्नेलाल, माता सुमारी, बहन पूजा, शांति, गीता, भाई शंकर पहला राष्ट्रीय पदक लाने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

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