रुद्रपुर: द मेडिसिटी अस्पताल के एमडी और डॉ. समेत चार पर केस
रुद्रपुर, अमृत विचार। सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेश पर अजय रस्तोगी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मेडिसिटी अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दीपक छाबड़ा, डॉ. रिजवान, निदेशक राहुल चंद व स्टाफ भीम के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामला 2019 का है, जिसमें उपचार के …
रुद्रपुर, अमृत विचार। सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेश पर अजय रस्तोगी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मेडिसिटी अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दीपक छाबड़ा, डॉ. रिजवान, निदेशक राहुल चंद व स्टाफ भीम के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामला 2019 का है, जिसमें उपचार के दौरान लापरवाही का ख़ामियाज़ा महिला अभी तक भुगत रही है।
ओमैक्स कालोनी निवासी अजय रस्तोगी ने न्यायालय में शिकायत पत्र देकर बताया कि साल 2019 में एक दुर्घटना में उसकी पत्नी अंजलि के चेहरे व हाथ में कांच लग गया था जिस पर वह उसे इलाज के लिए द मेडिसिटी अस्पताल लेकर गया था। इसके बाद अस्पताल द्वारा उसकी पत्नी के इलाज में घोर लापरवाही बरती गयी जिसके बाद उसकी पत्नी का हाथ काटने तक की नौबत आ गयी थी। आगरा के एक अस्पताल में इलाज कराने के बाद उसकी पत्नी को राहत मिली। रस्तोगी ने यह भी आरोप लगाया था कि इलाज करने वाले मेडिसिटी अस्पताल के चिकित्सक और उसके सहयोगी स्टाफ के पास कोई वैदिक एलोपैथी चिकित्सा हेतु आवश्यक शैक्षिक योग्यता ही नहीं है।
यह भी कि जब पीड़ित ने इसकी शिकायत अस्पताल के निदेशक से की तो वह अभद्रता पर उतारू हो गए। रस्तोगी का कहना था कि बिना जांच के चेहरे और हाथ पर अनगिनत टांके लगाकर उसकी पत्नी को बदसूरत बना दिया गया। जिससे वह शारीरिक कष्ट के साथ जीवन व्यतीत करने को बाध्य हो गई । पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अब न्यायालय ने थानाध्यक्ष रुद्रपुर को आदेश दिए कि इस प्रकरण में उचित धाराओं में प्रार्थी की एफआईआर दर्ज कर विवेचना कराना सुनिश्चित करें। पुलिस ने अजय रस्तोगी की तहरीर पर चारों के खिलाफ धारा 419, 420, 268, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
