बाजपुर: किसानों को नोटिस तामील कराने बाजपुर पहुंची दिल्ली पुलिस
अमृत विचार, बाजपुर। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई घटना के बाद अब किसानों व उनके वाहनों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बाजपुर पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम ने कुछ किसानों को नोटिस तामील कराए हैं। 26 जनवरी को दिल्ली में हुई घटना के बाद से सीसीटीवी कैमरों आदि के जरिये …
अमृत विचार, बाजपुर। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई घटना के बाद अब किसानों व उनके वाहनों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बाजपुर पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम ने कुछ किसानों को नोटिस तामील कराए हैं।
26 जनवरी को दिल्ली में हुई घटना के बाद से सीसीटीवी कैमरों आदि के जरिये किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नित में से 100 से अधिक किसान तराई के बताए जा रहे हैं। संबंधित थानों को उनकी फोटोग्राफ भेजकर पुष्टि भी कराई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार यह पूरा अभियान गोपनीय रखा गया है। वहीं जिनकी पुष्टि हुई है, उनको दिल्ली पुलिस द्वारा समन तामिल कराए जा रहे हैं। नोटिस आने के बाद तराई के किसानों में हलचल शुरू हो गई है। हिंसा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभा रहे बाजपुर के किसान नेता जगतार बाजवा और भाकियू नेता राकेश टिकैत पर रिपोर्ट दर्ज करायी गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसानों के खिलाफ थाना मयूर विहार दिल्ली में अपराध संख्या 0066/2021 धारा 147, 148, 149, 144, 307, 181, 188, 353, 332, 395, 397 आईपीसी, 120 बी, महामारी अधिनियम के तहत दर्ज रिपोर्ट में बाजपुर क्षेत्र के चार वाहनों के नंबरों के माध्यम से उनके स्वामियों की पहचान हुई है। दिल्ली पुलिस के एसआई मनोज गुप्ता, अमित राणा, हेड कांस्टेबल उपेंद्र कुमार की टीमें बाजपुर पहुंची और बरहैनी, दोराहा व सुल्तानपुर पट्टी में 160 सीआरपी के तहत नोटिस तामील कराने की बात सामने आई है। बताते दें कि तराई क्षेत्र में सितारगंज, खटीमा, जसपुर, काशीपुर, किच्छा, गदरपुर, रुद्रपुर के साथ ही उप्र के रामपुर जनपद के बिलासपुर, स्वार, पीलीभीत के मझोला, पूरनपुर, बिलसंडा आदि से बड़ी संख्या में किसान आंदोलन में शामिल हुए थे।
दिल्ली पहुंचकर बयान दर्ज कराएंगे किसान
बाजपुर। कैमरे में आए वाहनों के नंबरों से भी किसानों की पहचान की जा रही है। लगभग एक पखवाड़े से युद्धस्तर पर चल रही जांच के काम में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें तराई में पहुंची और कई किसानों को नोटिस जारी किए। इन किसानों को 10 दिन के भीतर दिल्ली पहुंचकर बयान दर्ज कराने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं दिल्ली पुलिस की भनक लगते ही कुछ लोग भूमिगत हो गए हैं।
तराई में होगी टिकैत की महापंचायत
बाजपुर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने बताया कि सरकार आंदोलन को दबाने के लिए मुकदमों का सहारा ले रही है। किसान अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को एकजुट करने व जोश भरने के लिए तराई में राकेश टिकैत की महा पंचायत 28 फरवरी को प्रस्तावित की जा सकती है। इसके बाद आंदाेलन में और तेजी आएगी।
दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस दिए जा रहे हैं। कितने किसानों को नोटिस दिया गया है, यह जानकारी स्पष्ट नहीं है। विवरण दिल्ली पुलिस के पास है। अभी तक की जानकारी में बरहैनी, दोराहा व सुल्तानपुर पट्टी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत चिह्नित चार वाहनों के स्वामियों के नाम से नोटिस आने की बात सामने आई है।
– संजय पांडेय, कोतवाल बाजपुर
