हल्द्वानी: संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवा जारी रखने के लिए लगाई गुहार
हल्द्वानी,अमृत विचार। कोरोना काल की शुरुआत में आउटसोर्स के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं पर लगाए गए कर्मियों को हटाने का फरमान जारी कर दिया गया है। इससे हताश कर्मचारियों ने जिलाधिकारी सेमत विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर सेवा जारी रखने की गुहार लगाई है। बेस अस्पताल, सुशीला तिवारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पतालों में …
हल्द्वानी,अमृत विचार। कोरोना काल की शुरुआत में आउटसोर्स के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं पर लगाए गए कर्मियों को हटाने का फरमान जारी कर दिया गया है। इससे हताश कर्मचारियों ने जिलाधिकारी सेमत विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर सेवा जारी रखने की गुहार लगाई है। बेस अस्पताल, सुशीला तिवारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पतालों में कार्यरत लगभग 60 कर्मचारियों पर नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है।
कोविड 19 की मार्च में शुरुआत में स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए जरुरत पड़ने पर निजी आउटसोर्स संस्थाओं द्वारा इन अस्पतालों में लोगों को अलग- अलग पदों पर रखा गया था। बेस अस्पताल में कार्यरत गणेश पालिवाल, सिमरन, नीतु, मनीष आदि कर्मचारियों ने संयुक्त रुप से बताया की तीन माह पूर्व हटाने के लिए आदेश् जारी हो गया था लेकिन महामारी में तेजी के चलते आदेश को रद्द कर दोबारा से इन्हे सेवा पर बने रहने के लिए कहा गया था। बाद उम्मीद यह थी की उनकी सेवाओं से हटने के लिए नही कहा जाएगा। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी और जिलाधिकारी को भी कर्मचारियों ने पत्र भेजकर सेवा को जारी रखने की गुहार लगाई है।
खुद को जोखिम में डाल कर लोगों को बचाया
कोविड19 की शुरुवात में ड्यूटी के लिए बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों आदि में जाकर लोगों की सैंपलिंग की जाती थी। यही नहीं कर्मचारी अस्पतालों के अलावा कोरोना सैंपलिंग के लिए गांवों में भी लोगों के घरों पर भी जाते थे। जबकि उस खतरनाक दौर में हर कोई खुद को बंद कमरे में ही बंद किए रहना चाहता था और भय के कारण बाहर नही जाना चाहता था।
सैलरी में कटौती
कर्मचारियों के मुताबिक नियुक्ति से पूर्व कर्मचारियों कों लगभग साढ़े ग्यारह हजार प्रतिमाह वेतन देने की बात कही गई थी। लेकिन उन्हें डेढ हजार कम वेतन का भुगतान किया जा रहा है। जबकि कर्मचारियों द्वारा कटौती के बारे में पूछे जाने पर जीएसटी में कटौती बता कर मामला टाल दिया जाता है।
कोविड 19 के चलते आउटसोर्स के जरिए कर्मचारियों को रखा गया था। अब टीकाकरण अभियान चल रहा है और कोरोना के मामलों में भी कमी आई है। दोबारा से इन्हें रखने के लिए शासन से अभी कोई निर्देश नही मिले हैं।
- डॉ शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य निदेशक, कुमाऊं मंडल
