खटीमा: शारदा नदी का जल स्तर कम होने से बिजली उत्पादन गिरा
खटीमा, अमृत विचार। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी व ठंड का प्रकोप अभी भी बरकरार है। इससे हिमालयी नदियों के जल स्तर न्यूनतम तक पहुंच रहा हैं। शारदा नदी का जल स्तर रविवार सुबह मात्र 4,288 क्यूसेक दर्ज हुआ। इससे लोहियाहेड पावर हाउस में मात्र एक टरबाइन से 14 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ। मार्च में …
खटीमा, अमृत विचार। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी व ठंड का प्रकोप अभी भी बरकरार है। इससे हिमालयी नदियों के जल स्तर न्यूनतम तक पहुंच रहा हैं। शारदा नदी का जल स्तर रविवार सुबह मात्र 4,288 क्यूसेक दर्ज हुआ। इससे लोहियाहेड पावर हाउस में मात्र एक टरबाइन से 14 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ। मार्च में पारा बढ़ने पर ही बर्फ पिघलने पर जल स्तर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
ठंड के मौसम में उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी व पारा गिरने से नदियों का पानी भी जमने लगता है। इससे नदियों का जल स्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता हैं। ताजा मैदानी क्षेत्र में उत्तरायणी के बाद से सर्दी से कुछ राहत मिल रही हैं, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बरकरार है। लोहियाहेड पावर हाउस के डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि रविवार को बनबसा बैराज में शारदा नदी का जल स्तर मात्र 4,288 क्यूसेक दर्ज होने पर पावर हाउस को क्षमता 10,500 क्यूसेक पर 3,764 क्यूसेक पानी मिला।
तीन टरबाइनों में दो बंद व एक टरबाइन ही 14 मेगावाट लोड पर चली। जबकि तीनों टरबाइनें चलने पर 45 मेगावाट तक उत्पादन होता है। दर्ज रिकार्ड के अनुसार पहली फरवरी को भी नदी में पानी 4,134 क्यूसेक पर 3,784 क्यूसेक पानी मिल पाया था। फिलहाल नदी जल स्तर में फरवरी माह भर यही स्थिति रहने की संभावना जताई गई है।
