हल्द्वानी: बदलते मौसम में ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। मौसम में बदलाव के साथ संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी ज्यादा बढ़ गया है। फरवरी माह खत्म हो चला है और मौसम में तेज गर्मी का एहसास होने लगा है। ऐसे में सरकारी व निजी अस्पतालों में वायरल इंफेक्शन, स्वांस रोग और एलर्जी सहित अनेक संक्रमण से ग्रसित मरीज रोजाना …

हल्द्वानी, अमृत विचार। मौसम में बदलाव के साथ संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी ज्यादा बढ़ गया है। फरवरी माह खत्म हो चला है और मौसम में तेज गर्मी का एहसास होने लगा है। ऐसे में सरकारी व निजी अस्पतालों में वायरल इंफेक्शन, स्वांस रोग और एलर्जी सहित अनेक संक्रमण से ग्रसित मरीज रोजाना सैकड़ों की तादाद में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को इलाज के अलावा मौसम के शुरुआती दौर में कुछ सावधानीयां बरतने की सलाह भी दे रहे हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना ओपीडी के तहत डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज उपचार कराने पहुंच रहे है। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की तादाद में इजाफा देखा जा रहा है।

क्या है ऐसे रोगों की वजह
विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक वैक्टिरीया के संक्रमण के कारण इस तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा होता है। ऐसे मौसम में अचानक शरीर से सारे कपड़े उतारने से और खास तौर से बाहरी दुकानों पर बिकने वाले खाद्यय पदार्थों के सेवन से संक्रमित बीमारियां होती हैं। फ्रिज के ठंडे पानी का सेवन करने से इंफैक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

मौसमी बीमारियों के लक्षण
सीजनल बीमारियों में सिर के अलावा पूरे शरीर में दर्द बना रहता है और आंखों में जलन भी होने लगती है। खांसी, जुकाम, और स्वास लेने में दिक्क्तें होने लगती है और कफ बढ़ने की शिकायत होने लगती है। संक्रमण के कारण तेज बुखार होने लगता है। दुकानों पर खानपान का सेवन करने से लूज मोशन होने लगता है।

यह बरतें सावधानियां
ऐसे मौसम में बाइक चलाने समय मास्क या गमछे से मुंह को ढके रहे। कहीं से आने के कुछ समय बाद ही शरीर से कपड़े उतारें, बाहरी दुकानों से चाऊमीन, मोमो, चाट-छोले, व गन्ने का जूस आदि का सेवन नही करना चाहिए। खास तौर से ऐसे मौसम में गर्मी होने पर एसी या कुलर बिल्कुल न चलाएं।

आजकल संक्रामक बीमारियों का भय सबसे ज्यादा रहता है। यहां अस्पताल में रोजाना मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है और सबसे ज्यादा ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं ,उन्हें दवाओं के अलावा कामन सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉ यतेंद्र सिंह, फिजिशियन, एसटीएच, हल्द्वानी

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