हल्द्वानी: मार्च में लगाई थी कोरोना ड्यूटी, अभी तक नहीं किया रिलीव

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना काल में मूल संस्थानों से अन्य संस्थानों में भेजे गए कर्मचारियों को अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। जिससे कर्मचारियों की कमी की वजह से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च में कोरोना महामारी के चरम पर होने के कारण शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना काल में मूल संस्थानों से अन्य संस्थानों में भेजे गए कर्मचारियों को अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। जिससे कर्मचारियों की कमी की वजह से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च में कोरोना महामारी के चरम पर होने के कारण शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को अन्य अस्पतालों में तैनात किया गया था, जिन्हें अभी तक उनके मूल कार्य सेवा में वापस नहीं भेजा गया है। जबकि अभी कोरोना केस में भी काफी कमी आ गई है। इसके बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से अन्य संस्थानों में ही कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

दरअसल, महामारी की शुरुआत में महिला अस्पताल के आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के तहत बेस अस्पताल में विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अभी तक इन कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन की शिथिलता के कारण रिलीव नहीं किया गया है। उदाहरण के तौर पर बात करें तो महिला अस्पताल से डेटा ऑपरेटर, अर्ली इंटरवेंशनिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, पिडियाट्रिशियन और स्टॅाफ नर्स को बेस अस्पताल में कोविड ड्यटूी के दौरान काम की जिम्मेदारी दी गई थी। अब जबकि मूल रूप से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को दोबारा मूल अस्पतालों में भेजने के लिए प्रबंध निदेशक द्वारा आदेश भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक स्थानीय रूप से इन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा है।

महिला अस्पताल परिसर में चल रहे डीआईईसी के मैनेजर गोपाल बिष्ट ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण यहां आने वाले मरीजों व तीमारदारों को उचित परामर्श नहीं मिल पा रहा है।  गअस्पतालों को जल्द से जल्द कर्मचारियों को रिलीव करने के लिए कहा गया है, इसके बावजूद अभी तक कर्मचारियों को रिलीव नहीं किया गया है।

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