हल्द्वानी: कोरोना के योद्धा रहे एंबुलेंस चालकों को नहीं मिला कोई सम्मान
हल्द्वानी,अमृत विचार। पिछले वर्ष मार्च माह से शुरू हुए कोरोना महामारी को अब तक लगभग एक वर्ष का समय पूरा हो चुका है। कोविड-19 के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग ने काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है और इसके खात्मे के लिए अब टीकाकरण भी कराया जाने लगा है, लेकिन इस दौरान खुद की परवाह …
हल्द्वानी,अमृत विचार। पिछले वर्ष मार्च माह से शुरू हुए कोरोना महामारी को अब तक लगभग एक वर्ष का समय पूरा हो चुका है। कोविड-19 के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग ने काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है और इसके खात्मे के लिए अब टीकाकरण भी कराया जाने लगा है, लेकिन इस दौरान खुद की परवाह किए बगैर सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाले और लगातार सेवा में रहने वाले एंबुलेंस चालकों को किसी प्रकार का सम्मान नहीं दिया गया है।
जबकि आजकल आए दिन सामाजिक संगठनों, राजनितिक मंचों और सरकारी विभागों द्वारा कारोना योद्धाओं को सम्मानित किया जा रहा है। चालक अपनी उपेक्षा के बावजूद अभी तक लोगों की सेवा में जुटे हुए है और अभी भी टीकाकरण अभियान में लगे हुए हैं। वर्तमान में इस अभियान के तहत 50 से ज्यादा एंबुलेंस वाहनों को लगाया गया है।
एंबुलेंस चालक इंदर सिंह ने बताया कि महामारी की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर मरीजों को अस्पताल लाते और ले जाते थे। जबकि पॉजिटिव मरीजों के पास तक जाने में लोगों को जान का खतरा बना रहता था। उस वक्त भी बिना किसी खास इंतजाम के दिनरात लगकर मरीजों की सेवा में लगे रहे।
राजनितिक पार्टी, सामाजिक संस्था या सरकार द्वारा किसी प्रकार का सम्मान नही दिया गया है, जिससे वाहन चालकों का हौसला बुलंद हो। समाज द्वारा ऐसी उपेक्षा से थोड़ी निराशा जरूर होती है लेकिन मरीजों की सेवा के लिए सदा समर्पित रहेंगे।
-अरशद खान, अध्यक्ष, नैनीताल एंबुलेंस सोसाइटी, हल्द्वानी
