बरेली: ग्राहक परेशान, सिरदर्द बनी गई बीएसएनएल की फाइबर सेवा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। जिले में हाल ही में शुरू हुई बीएसएनएल की फाइबर सेवा की स्थिति दयनीय हो गई है। शहर में जगह-जगह खुदाई व अन्य तकनीकि खामियों की वजह से यह सेवा उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बन गई है। आए दिन कनेक्टिविटी जाना आम बात है। कभी-कभी तो एक-दो घंटे के लिए नेटवर्क …

अमृत विचार, बरेली। जिले में हाल ही में शुरू हुई बीएसएनएल की फाइबर सेवा की स्थिति दयनीय हो गई है। शहर में जगह-जगह खुदाई व अन्य तकनीकि खामियों की वजह से यह सेवा उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बन गई है। आए दिन कनेक्टिविटी जाना आम बात है।

कभी-कभी तो एक-दो घंटे के लिए नेटवर्क बाधित हो जाता है जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठाना पड़ती है।
कैंट क्षेत्र के अलावा सिविल लाइंस, पीलीभीत रोड समेत कुछ स्थानों पर बीएसएनएल की लचर सेवा का ही परिणाम है कि निजी टेलीकाम कंपनियां बाजार में पैठ बना चुकी हैं। आए दिन ठप होने वाली सेवा की वजह से लोग तेजी से निजी कंपनियों की तरफ रुख कर रहे हैं।

आलम यह है कि जिन लोगों ने बीएसएनएल के फाइबर कनेक्शन यह सोच कर लिए थे कि उन्हें हाई स्पीड इंटरनेट मिलेगा, वे अब पछता रहे हैं। परेशान उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत के बाद भले ही बीएसएनएल के अधिकारी समस्या का निस्तारण कराने का दावा करें लेकिन रोजाना हो रही समस्या का समाधान अब तक नहीं निकल सका है।

ब्राडबैंड सेवा भी आए दिन करती है परेशान
शहर में बेतरतीब तरीके से हो रही खुदाई की वजह से बीएसएनल की ब्राडबैंड का भी बुरा हाल है। आए दिन केबिल कटने से ब्राडबैंड सेवा भी प्रभावित होती है। इसके कारण कई बैंकों और सरकारी कार्यालय का कामकाज प्रभावित होता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शहर में जगह-जगह खुदाई की वजह से कई बार लाइन कट जाती है जिसकी वजह से यह दिक्कत बनी रहती है। हालांकि, इस दौरान सबसे अधिक दिक्कत बैंकों को होती है क्योंकि आज भी ज्यादातर बैंकों में बीएसएनएल की लीज लाइन है।

बिल से भी परेशान हैं उपभोक्ता
बीएसएनल का फाइबर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता इसके बिल से भी परेशान हैं। दरअसल, कनेक्शन लेते समय चार हजार रुपये मॉडम चार्ज के लिए जा रहे हैं जबकि प्लान के अनुसार एक महीने की एडवांस धनराशि सिक्योरिटी के रूप में ली जा रही है। कनेक्शन लगाने वाले कर्मचारी कोई भी अतिरिक्त खर्च न होने की बात कहते हैं लेकिन जब पहला बिल आ रहा है तो उसमें एक हजार रुपये अतिरिक्त लगकर आ रहे हैं। पहले बिल पर एक हजार रुपये अतिरिक्त देखकर उपभोक्ता भी परेशान हैं। हालांकि, अधिकारी कह रहे हैं कि इसमें पांच सौ रुपये फाइबर इंस्टॉलेशन और पांच सौ रुपये वाइस इंस्टालेशन चार्ज शामिल है मगर इस बारे में उपभोक्ताओं को पहले नहीं बताया जा रहा।

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