बरेली: हवाई अड्डे के बाहर रोड चौड़ीकरण और रोटरी बनाने का नहीं होगा काम

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। पीलीभीत बाईपास पर मयूर वन चेतना केंद्र के पास खूनी मोड़ के पास ही बरेली हवाई अड्डे का मेन गेट भी तैयार था। ताकि यातायात बढ़ने पर यहां हादसे की संभावना को कम किया जा सके। इसके लिए करीब डेढ़ साल पहले हवाई अड्डे के बाहर रोटरी और रोड चौड़ा करने का …

अमृत विचार, बरेली। पीलीभीत बाईपास पर मयूर वन चेतना केंद्र के पास खूनी मोड़ के पास ही बरेली हवाई अड्डे का मेन गेट भी तैयार था। ताकि यातायात बढ़ने पर यहां हादसे की संभावना को कम किया जा सके। इसके लिए करीब डेढ़ साल पहले हवाई अड्डे के बाहर रोटरी और रोड चौड़ा करने का प्लान तैयार किया था लेकिन बाद में इसका बजट ही मंजूर नहीं हुआ।

अब करीब 130 करोड़ से सेटेलाइट से बड़ा बाईपास के बीच फोरलेन के प्रोजेक्ट में हवाई अड्डे के बाहर चौड़ीकरण और रोटरी बनाने का काम शामिल नहीं किया गया है। इससे यहां दुर्घटना का खतरा भी कम होता नहीं दिखाई दे रहा है।

पीलीभीत बाईपास पर बैरियर नंबर दो से हवाई अड्डे तक रोड की चौड़ाई कम है, जबकि दो मोड़ है। मयूर वन चेतना केंद्र के पास मोड़ पर हादसों में आए दिन मौतें होती रहती है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का कहना है कि इस रोड फोरलेन बन जाने से काफी हद तक खतरा कम हो जाएगा।

पहले यह रोड बरेली से सितारगंज रोड नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पास थी। इस रोड के सेटेलाइट चौराहा से पीलीभीत बाईपास के आगे निर्माणाधीन हवाई अड्डे तक हिस्से को पीडब्ल्यूडी को सौंपने की कार्रवाई काफी समय से लटकी थी। एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के बीच फंसे हाईवे के इस हिस्से का रखरखाव भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा था।

जबकि शहरी भाग होने की वजह से इस पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है। करीब दो साल पहले यह रोड एनएचएआई से पीडब्ल्यूडी के सुपुर्द होने के बाद इस रोड के फोरलेन का प्रस्ताव तैयार हुआ है। इस पर पहले करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने थे। पीडब्ल्यूडी ने पहले हवाई अड्डे के बाहर रोड चौड़ीकरण के साथ रोटरी बनाने का प्रस्ताव शामिल किया गया था।

पीडब्ल्यूडी ने इसकी डिजाइन भी तैयार कर ली थी लेकिन बाद यह प्रोजेक्ट ठंडा पड़ गया। अब संशोधित हुए 130 करोड़ के प्रस्ताव में हवाई अड्डे के बाहर रोटरी और रोड चौड़ीकरण को शामिल नहीं किया गया है। इससे यहां हादसे की संभावना कम होती नहीं दिखाई दे रही है।

गंभीर बात यह है कि मयूर वन चेतना के खूनी मोड़ के पास ही हवाई अड्डे के मुख्य गेट बना हुआ है। ऐसे में यहां हवाई अड्डे का यातायात भी काफी बढ़ जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि फोरलेन बन जाने के बाद हवाई अड्डे के सामने भी रोड चौड़ी हो जाएगी। इससे यहां अनहोनी का खतरा भी कम हो जाएगा।

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