बरेली: जिनकी नहीं परीक्षा वे भी कर रहे थे प्रदर्शन

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अमृत विचार, बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सिलेबस कम करने की मांग करने को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों में ऐसे छात्र भी शामिल थे जिनकी अभी परीक्षा भी नहीं होनी है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड को इसका पता चला है। अब सभी विभागों के प्रॉक्टर को ऐसे छात्रों की पहचान करने …

अमृत विचार, बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सिलेबस कम करने की मांग करने को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों में ऐसे छात्र भी शामिल थे जिनकी अभी परीक्षा भी नहीं होनी है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड को इसका पता चला है। अब सभी विभागों के प्रॉक्टर को ऐसे छात्रों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में बवाल करने वाले छात्रों को छात्रावास से भी निष्कासित किया जा सकता है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित माफीनामा देने पर प्रदर्शन करने वाले पांच छात्रों को परीक्षा में सशर्त बैठने की अनुमति दे दी है।

छात्रों की अगुवाई कर रहे छात्र नेता उज्ज्वल ढाका ने मंगलवार रात तक माफीनामा नहीं दिया था। वह विधायकों व अन्य नेताओं से चीफ प्रॉक्टर को फोन करवाकर सिफारिश लगा रहा था। चीफ प्रॉक्टर प्रो. जेएन मौर्य ने साफ कह दिया कि छात्र के लिखित माफीनामा मांगने पर ही उसे परीक्षा में बैठने दिया जाए। जिन छात्रों को माफी मांगने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है उनके परिजनों को छात्रों की हरकतों के बारे में बताने के कुलपति ने निर्देश दिए हैं।

अभी छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है। चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक, बीटेक ईआई चतुर्थ वर्ष के छात्र हिमांशु, ईआई तृतीय वर्ष के प्रतीक चौधरी, ईई तृतीय वर्ष के शुभम सिंह, सीएसआईटी तृतीय वर्ष के राहुल गिरी और सीएसआईटी चतुर्थ वर्ष के रवि गिरी ने लिखित माफीनामा दिया है।

बीटेक के सेमेस्टर छात्रों की परीक्षा 10 मार्च से शुरू हो रही है। सभी छात्रों के परीक्षा प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने रात में छात्रावास में भी जाकर निरीक्षण किया और छात्रों से साफ कह दिया कि परीक्षाएं नहीं टलेंगी। इसकी वजह से पढ़ने वाले छात्र अपने कमरों में बंद हो गए।

चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि प्रदर्शन करने वालों में कई जूनियर छात्र भी थे जिनकी अभी परीक्षाएं नहीं हो रही हैं लेकिन वे भी विरोध प्रदर्शन करने पहुंच गए थे। कुछ ऐसे छात्र भी थे जो विश्वविद्यालय में अब नहीं पढ़ रहे हैं। छात्रावासों में कुछ बाहरी छात्रों के रहने की बात सामने आई है। परीक्षाओं के बाद ऐसे छात्रों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।

बीएएमएस छात्रों ने की परीक्षा टालने की मांग
मंगलवार को विश्वविद्यालय में कई राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों के बीएएमएस के छात्र पहुंचे और परीक्षा टालने की मांग की। छात्रों का कहना था कि उनका पहला सत्र काफी देरी से हुआ और अब जल्द परीक्षाएं करायी जा रही हैं जबकि अभी तक तैयारी नहीं हो सकी है। बीएएमएस की परीक्षाएं 20 मार्च से शुरू हो रही हैं।

छात्रों के पहुंचने पर सुरक्षा प्रभारी सुधांशु ने सभी को कुलपति ऑफिस के बाहर रोक लिया था। उसके बाद सिर्फ पांच छात्रों को अंदर जाने के लिए कहा गया। सभी के आईकार्ड देखने के बाद उन्हें कुलपति के पास भेजा गया। कुलपति ने छात्रों की समस्या सुनी और परीक्षा को लेकर विचार करने का आश्वासन दिया।

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