बरेली: अंडरपास नहीं, अड़चनों को दूर कर बनेगा कुतुबखाना फ्लाईओवर

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अमृत विचार, बरेली। नगर विकास, शहरी समग्र विकास मंत्री आशुतोष टंडन गोपाल ने कहा कि कुतुबखाना फ्लाईओवर को लेकर जो भी तकनीकी खामियां हैं उन्हें दूर करने के साथ ही वहां फ्लाईओवर का ही निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए फ्लाईओवर का डिजायन तैयार हो रहा है। इसकी स्वीकृति मिलने के साथ ही इसका निर्माण कार्य …

अमृत विचार, बरेली। नगर विकास, शहरी समग्र विकास मंत्री आशुतोष टंडन गोपाल ने कहा कि कुतुबखाना फ्लाईओवर को लेकर जो भी तकनीकी खामियां हैं उन्हें दूर करने के साथ ही वहां फ्लाईओवर का ही निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए फ्लाईओवर का डिजायन तैयार हो रहा है। इसकी स्वीकृति मिलने के साथ ही इसका निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। उन्होंने यहां अंडरपास के निर्माण की संभावनाओं से इंकार कर दिया। खास बात यह है कि यह करीब 3.5 करोड़ रुपये के बजट से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से मंजूर इस फ्लाईओवर का कुतुबखाना के कुछ स्थानीय व्यापारी विरोध कर रहे हैं। वे यहां अंडरपास बनाने की मांग कर रहे हैं।

लखनऊ से यहां मंगलवार की शाम बरेली पहुंचे मंत्री आशुतोष टंडन ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई दूसरे शहरों में स्थानीय लोगों का विरोध हो रहा है लेकिन उनसे बातचीत करने के बाद मामलों को सुलझा लिया गया है। यहां भी कुतुबखाना फ्लाईओवर को लेकर जो भी गतिरोध चल रहे हैं। उनका भी निस्तारण होगा।

मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत हर साल केंद्र व राज्य सरकार दोनों ही पांच साल तक पांच-पांच करोड़ रुपये देंगी ताकि यहां मॉडल रोड विकसित की जा सकी। यह रोड ऐसी बनेगी जो दूसरे शहरों के लिए नजीर होंगी। स्मार्ट सिटी के कामों के साथ अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने के काम से सड़कों की खुदाई से जनता को हो रही दिक्कत के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इन दोनों ही योजनाओं के तहत अभी काफी काम होने हैं। इसके लिए कुछ समय के लिए समस्याएं तो झेलनी होंगी। इन कामों के कामों के पूरा होने के बाद लोगों को काफी सहूलियत भी मिलेगी। हालांकि, निर्माणदायी संस्थाओं से यह काम समय पर पूरा करने के साथ और भी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आईसीसी यानी इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर को बनाया जा रहा है। इससे शहर के तमाम हिस्सों को सीसीटीवी से जोड़ कर उनकी निगरानी होगी। इससे यह भी जानना आसान होगा कि शहर में डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है या नहीं? इस मौके पर मेयर उमेश गौतम, नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, श्वेत सक्सेना सहित कई लोग मौजूद रहे। इससे पहले यहां कई व्यापारियों और कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर मंत्री को बुके भेंटकर उनका स्वागत किया।

टैक्स तय करने के लिए जल्द ही पूरा होगा जीआईएस सर्वे
नगर निगम क्षेत्र के दायरे में आने वाले बड़ी तादाद में भवन टैक्स नहीं दे रहे। इससे नगर निगम को राजस्व का बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि कई शहरों के साथ बरेली में भी सभी भवनों की गिनती के लिए जीआईएस सर्वे किया जा रहा है। यह काम कई आउटसोर्सिंग कंपनियां कर रही हैं जो जल्द ही अपनी सर्वे रिपोर्ट स्थानीय निकायों को सौंप देगी। उस आधार पर यहां नगर निगम के अधिकारी भी यह स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे कि यहां कितने भवन हैं और निगम कितने से टैक्स ले रहा है। इससे कर चोरी के साथ निगम की आमदनी को भी बढ़ावा मिलेगा।

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