हल्द्वानी: वन डिविजन ‘धरोहरों’ को करेगी संरक्षित
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने ‘धरोहरों’ को संरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है। हल्द्वानी वन डिविजन की सभी वन रेंजों से विजिटर रजिस्टर, हेरिटेज व एंटीक वस्तुओं की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद इन धरोहरों को संरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। वन अधिकारियों के अनुसार हल्द्वानी वन …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने ‘धरोहरों’ को संरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है। हल्द्वानी वन डिविजन की सभी वन रेंजों से विजिटर रजिस्टर, हेरिटेज व एंटीक वस्तुओं की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद इन धरोहरों को संरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
वन अधिकारियों के अनुसार हल्द्वानी वन डिविजन की छकाता रेंज के गैराज में अंग्रेजों के जमाने की कैंप लॉरी वाहन 1967 मॉडल की मर्सडीज बेंज कार मिली थी। डीएफओ कुंदन कुमार ने इस कार को बेचने के बजाय धरोहर मानते हुए संरक्षित करने का फैसला किया था। इसके बाद सर्किल कार्यालय में एक लकड़ी का टाइप राइटर मिला है।
टाइपराइटर से प्रिंट करने की भी सुविधा है। इनके मिलने के बाद वन विभाग ने ‘धरोहरों’ को संरक्षित करने का फैसला किया है ताकि विद्यार्थी, शोधार्थी, नए नियुक्त वन अधिकारियों को प्राचीन कार्य शैली व उपकरणों से अवगत कराया जा सको। इधर डीएफओ कार्यालय ने वन डिविजन की सभी वन रेंजों छकाता, नंधौर, डांडा, जौलासाल, शारदा से इस तरह की हेरिटेज, एंटीक वस्तुएं और विजिटर रजिस्टर को सूची मांगी है ताकि उन्हें संरक्षित करने के लिए प्रभावी नीति तैयार की जा सके।
सभी वन रेंजों से एंटीक, हेरिटेज व प्राचीन वस्तुओं की सूची मांगी गई है। ये वस्तुएं वन विभाग के लिए धरोहर किस्म की है। इनको संरक्षित किया जाएगा। इसी के साथ ही विजिटर रजिस्टर को संरक्षित किया जाएगा।
कुंदन कुमार, डीएफओ हल्द्वानी वन डिविजन
