बांग्लादेश की यात्रा के दौरान पीएम मोदी पहनेंगे खादी ‘मुजीब जैकेट्स’, जानिए- क्या कुछ है खास

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से तैयार खादी के मुजीब जैकेट पहनेंगे। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने इस तरह के 100 मुजीब जैकेट की आपूर्ति की है। मुजीब जैकेट बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान द्वारा …

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से तैयार खादी के मुजीब जैकेट पहनेंगे। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने इस तरह के 100 मुजीब जैकेट की आपूर्ति की है।

मुजीब जैकेट बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान द्वारा पहने जाने वाले परिधान के रूप में प्रसिद्ध है। उन्हें बांग्लादेश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा, ”खादी, जो भारत की विरासत का कपड़ा है, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 26 और 27 मार्च की बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा के दौरान लोगों की नजरें खींचने के लिये तैयार है।

केवीआईसी ने 100 मुजीब जैकेटों की आपूर्ति की है, जो इस यात्रा में गणमान्य व्यक्तियों की पोशाक होगी।” बयान में कहा गया कि बांग्लादेश शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी को मुजीब बोरसो के रूप में मना रहा है। इसी उपलक्ष्य में ढाका में भारतीय उच्चायोग के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र ने 100 मुजीब जैकेट का एक ऑर्डर दिया था। खेप को पहले ही ढाका भेज दिया गया है।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता