विश्व जल दिवस : बहुत अनमोल है जल, बचाओ इसे वरना प्यासी हो जाएगी धरती
मुरादाबाद,अमृत विचार। जल की हर बूंद कीमती है। इसका मोल हम सबको समझना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अपना जिला जल संकट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हालात ये हैं कि वर्तमान में यहां के 24 ब्लाक डार्क जोन में। ऐसे में यदि हम अभी नहीं चेते तो भविष्य में बड़ा संकट हम सबके …
मुरादाबाद,अमृत विचार। जल की हर बूंद कीमती है। इसका मोल हम सबको समझना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अपना जिला जल संकट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हालात ये हैं कि वर्तमान में यहां के 24 ब्लाक डार्क जोन में। ऐसे में यदि हम अभी नहीं चेते तो भविष्य में बड़ा संकट हम सबके सामने खड़ा हो सकता है।
जल संकट की चुनौती सामने होने के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस तरफ जरा भी नहीं है। जल के दोहन को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास न के बराबर ही हैं। वहीं आम लोग भी अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझते हुए जमकर पानी की बर्बादी में लगे हैं। घर हो या व्यवसाय, उद्योग हो या कृषि, हर जगह पानी का दुरुपयोग हो रहा है। तमाम लोगों ने तो इस धरोहर को अपनी आय का स्रोत ही बना लिया है। उधर सरकारी विभागों के पास भी इसे बचाने की कोई ठोस योजना नहीं है।
पानी बचाने को मिलकर उठाएं कदम
एक अनुमान के तौर पर पांच लोगों का परिवार प्रतिदिन 500 लीटर पानी इस्तेमाल करता है। इस हिसाब से जिले की 30 लाख की आबादी पर लगभग 30 करोड़ लीटर पानी प्रतिदिन खर्च हो रहा है। लेकिन, एक फीसद लोग भी जल संचय करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की रिपोर्ट के अनुसार जिले में भूजल दोहन की स्थिति बहुत गंभीर है। हमें इसको लेकर जागरूक होना चाहिए।
सीवरेज में बर्बाद होता है 13 करोड़ लीटर पानी
नगर की जनसंख्या नौ लाख है, जो सिर्फ शौचालयों में ही 13 करोड़ लीटर पानी सीवरेज के रूप में बहा देती है। एक व्यक्ति द्वारा शौचालय में औसतन 15 लीटर पानी का इस्तेमाल किया जाता है। हम प्रयास करें तो इसे पांच लीटर प्रतिव्यक्ति तक लाया जा सकता है। इसके लिए हमें घरों में आधुनिक फ्लश लगवानें होंगे। इसमें दो तरह के बटन होते हैं। शौच के लिए 15 लीटर तो लघुशंका के लिए पांच लीटर पानी इस्तेमाल में लाने के लिए अलग-अलग बटन दबाकर जरूरत के हिसाब से पानी प्रयोग में लाया जा सकता है। यदि व्यक्ति पांच लीटर का बटन प्रयोग करे तो प्रति व्यक्ति 10 लीटर पानी की बचत की जा सकती है।
जनपद की स्थिति
कुल कृषि क्षेत्रफल : लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर
सिंचाई में प्रयोग भूजल : 77 फीसद
जनपद में सरकारी नलकूप : 500 से अधिक
निजी नलकूप : 6500
निजी पंप : 42000
सरकारी हैंडपंप : 2000
निजी हैंडपंप : 2.5 लाख
सरकारी नलकूप से प्रतिदिन पानी की खपत : 76 फीसद
महानगर के आंकड़े
मिनी नलकूप : 84
बड़े नलकूप : 105
ओवर हेड टैंक : 41
भूमिगत टैंक : दो
वाशिंग पंप : 115
नगर निगम व नगर पालिका की जलापूर्ति से जुडे़ लोग : 76 फीसद
प्रति व्यक्ति पेयजल इस्तेमाल : आठ लीटर से अधिक
कार धुलाई में प्रयुक्त होने वाला जल : 450 लीटर
शावर से स्नान में खर्च होने वाला जल : 265 लीटर
बाल्टी से स्नान : 25 लीटर
कपड़ा धुलाई : 50 लीटर
शौचालय में : 15 लीटर
रामगंगा नदी में बहने वाला अशोधित सीवरेज : 100 फीसद
वर्षा जल के इस्तेमाल से होगा जल संचय
शहर से लेकर गांव में बारिश के पानी को बहुत कम खर्च पर संचित किया जा सकता है। जल निगम के एई तारिक अली के अनुसार शहर या गांव में यदि घर की छत का क्षेत्रफल 3000 वर्ग फीट है तो 217000 लीटर पानी बचाया जा सकता है। इस पानी को घर में बने पाइप के जरिए जमीन में एक गड्ढे में टैंक लगाकर स्टोर किया जा सकता है। यह सिर्फ उदाहरण है। इससे कम क्षेत्रफल की छत पर भी वर्षा जल को संचित किया जा सकता है। ऐसा करने से पांच लोगों का परिवार 322 दिन तक इस पानी का इस्तेमाल कर सकता है। बारिश का पानी साफ होने के चलते इसका प्रयोग दैनिक उपयोग में कपड़ा धोने, शौच व फुलवारी की सिंचाई में किया जा सकता है।
यह जतन कर रहा विभाग
प्रयास -1 नगर निगम द्वारा 12 सरकारी भवनों पर बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। यह कार्य स्मार्ट सिटी योजना के माध्यम से किया जा सकेगा। ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए भी सिस्टम तैयार किया जाएगा।
प्रयास – 2 लघु सिंचाई विभाग द्वारा मुरादाबाद जिले में 103 तालाब खोदे जाने हैं। अवर अभियंता कुंवर पाल के अनुसार 11 तालाब खोदे जा चुके हैं। जल संचय जल संरक्षण योजना के तहत यह कार्य चल रहा है, जिसमें दो तालाबों का निर्माण प्रगति पर है। ये तालाब एक से पांच हेक्टेयर में और तीन मीटर गहराई के साथ तैयार किए जा रहे हैं।
ऐसे रोकें घर में पानी की बर्बादी
फव्वारे की बजाय बाल्टी से स्नान करें।
नल खुले न छोड़ें।
कार की धुलाई के बाद उसका पानी संचय करने का इंतजाम हो।
घर के पानी का इस्तेमाल पेड़ पौधों के लिए करें।
कम पानी खर्च करने वाली वाशिंग मशीन ही खरीदें। अब इस तरह की मशीनें बाजार में आने लगी हैं।
डार्क जोन में आने वाले ब्लाक
कुल संख्या : 24
जनपद ब्लाक
मुरादाबाद : बिलारी, डिलारी, छजलैट, भगतपुर टांडा
अमरोहा : अमरोहा, गजरौला, हसनपुर, धनौरा, जोया
रामपुर : शाहबाद, सैदनगर, स्वार, चमरौआ
बिजनौर : स्योहारा, नूरपुर, जलीलपुर, नहटौर
सम्भल : बनियाखेड़ा, असमोली, सम्भल, बहजोई, गुन्नौर, पंवासा और जूनाबाई
लोगों से बातचीत
राजवीर सिंह ने कहा कि अक्सर लोग मंजन व शेव करते समय पांनी की टंकी खुली छोड़ देते हैं। यह आदत बहुत खराब है। इस पर अंकुश लगाते हुए पानी बचाने का प्रयास करना चाहिए।
रोहित ने कहा कि कपड़े धोने व नहाने में कुछ लोग बहुत पानी नष्ट करते हैं। अगर हम नहाने और कपड़े धोने में बाल्टी का प्रयोग करें तो बहुत पानी बचाया जा सकता है।
सचिन ने कहा कि वर्तमान में जल संकट की समस्या गहराती जा रही है। दरअसल दोहन के लिए हम लोग ही जिम्मेदार हैं। पानी की बर्बादी रोकने को मैं अपने ही घर से शुरुआत करनी होगी।
अरविंद ने कहा कि क्षेत्र में जल का दोहन बहुत तेजी से हो रहा है। लोगों को इस विषय में सोचना होगा। अगर अब भी हम लोग नहीं सुधरे तो भविष्य में बड़ा खतरा सामने आ सकता है।
