हल्द्वानी: प्रदूषण की एनएओसी नहीं लेने वाले स्कूल, रेस्टोरेंट और ऑटो वर्कशॉप पर होगी कार्रवाई
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नए वित्तीय वर्ष में कुमाऊं में बोर्डिंग स्कूलों, होटलों, रेस्टोरेंट और ऑटो वर्कशॉप में चेकिंग अभियान चलाएगा। जिस किसी ने भी प्रदूषण की एनएओसी नहीं ली होगी तो नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। पीसीबी अधिकारियों के अनुसार नए नियमों के मुताबिक ऐसे स्कूल जहां हॉस्टल की सुविधा …
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नए वित्तीय वर्ष में कुमाऊं में बोर्डिंग स्कूलों, होटलों, रेस्टोरेंट और ऑटो वर्कशॉप में चेकिंग अभियान चलाएगा। जिस किसी ने भी प्रदूषण की एनएओसी नहीं ली होगी तो नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। पीसीबी अधिकारियों के अनुसार नए नियमों के मुताबिक ऐसे स्कूल जहां हॉस्टल की सुविधा है।
स्कूलों में बच्चों के दैनिक कार्यों नहाने, कपड़े धोने, भोजन व बर्तन आदि में अच्छी खासी तादाद में पानी का उपयोग होता है। ऐसे स्कूलों को ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पीसीबी से एनओसी लेना अनिवार्य है। इसी तरह ऐसे होटल जहां 20 से अधिक कमरे हैं और ऐसे रेस्टोरेंट जहां 20 से अधिक टेबल हैं उन्हें भी प्रतिष्ठान में पानी की शुद्धता के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाना अनिवार्य है।
पीसीबी के मुताबिक ऑटोमोबाइल्स वर्कशॉप में भी गाड़ी वगैरह धोने में भारी मात्रा में पानी का उपयोग होता है। इन वर्कशॉप को भी ट्रीटमेंट प्लांट लगाना अनिवार्य होता है। पीसीबी की बार-बार निर्देशों के बाद किसी ने भी अनापत्ति नहीं ली है इसके बाद विभाग सख्त हो गया है। इधर एक अप्रैल के बाद पीसीबी कुमाऊं में स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट और वर्कशॉप में चेकिंग अभियान चलाएगा। पहले नोटिस दिया जाएगा यदि फिर भी एनओसी नहीं ली जाती है तो भवन को सील किया जाएगा।
नैनीताल में हैं सबसे ज्यादा आवासीय स्कूल
कुमाऊं में सबसे ज्यादा आवासीय स्कूल नैनीताल में एक दर्जन से ज्यादा हैं। इसके बाद अल्मोड़ा जिले और सबसे कम बागेश्वर व पिथौरागढ़ में है। इन स्कूलों में इस्तेमाल किए पानी को ट्रीट करना जरूरी है। ताकि इस पानी को बर्तन, कपड़े, गार्डनिंग, गाड़ियों की धुलाई में वगैरह इस्तेमाल किया जा सके।
शासन के निर्देशानुसार 20 कमरों से ज्यादा वाले होटल, 20 टेबल से ज्यादा वाले रेस्टारेंट और बोर्डिंग स्कूलों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाना अनिवार्य है। यदि टीपी नहीं लगाया जाता है तो नोटिस, जुर्माना और सील की कार्रवाई हो सकती है।
आरके चतुर्वेदी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
