हल्द्वानी: गौला में फिर ढही ढ़ांग, एक मजदूर की मौत
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी के आंवला चौकी गेट के पास फिर उपखनिज की ढांग ढह गई। इसकी नीचे दबने से 50 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार सुबह निकासी गेट के पास मजदूर नदी में चुगान कर वाहनों में उपखनिज भर रहे थे। करीब 11 बजे छह फिट ऊंची ढांग भरभरा कर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी के आंवला चौकी गेट के पास फिर उपखनिज की ढांग ढह गई। इसकी नीचे दबने से 50 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार सुबह निकासी गेट के पास मजदूर नदी में चुगान कर वाहनों में उपखनिज भर रहे थे। करीब 11 बजे छह फिट ऊंची ढांग भरभरा कर ढह गई। ढांग ढहने से मौके पर काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों ने मौके से भाग कर जान बचाई। लेकिन झारखंड का मजदूर विश्वनाथ इसकी चपेट में आ गया।
ठेकेदार, वाहन चालक और साथी मजदूर विश्वनाथ को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शक कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतक आंवला चौकी गेट के पास झोपड़ी में रहता था।, परिजनों और साथी मजदूरों ने वन निगम से मुआवजे की मांग की है।
लगातार ढह रही ढांग, जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे
हल्द्वानी। गौला नदी के आंवला चौकी गेट के पास लगातार ढांग ढहने की घटनाएं हो रही हैं। इसके मजदूर जान गंवाने के साथ ही चोटिल हो रहे हैं। ढांग के नीचे चुगान करते वक्त हमेशा मजदूरों के सिर पर मौत मंडराती रहती है। लगातार दुर्घटनाएं होने के बाद भी ढांग के नीचे से चुगान बदस्तूर जारी है। तीन माह के भीतर ही ढांग ढहने की छह घटनांए प्रकाश में आ चुकी हैं। इसमें दो मजदूरों की मौत के साथ ही छह गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। एक मजदूर की रीढ़ की हड्डी टूट चुकी है। लेकिन जिम्मेदार वन निगम के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
14 मार्च को बुजुर्ग महिला श्रमिक की हुई थी मौत
हल्द्वानी। 14 मार्च को ढांग ढहने से दादी-पोती टनों उपखनिज के नीचे दब गई थी। इस दुर्घटना में रामपुर निवासी 55 वर्षीय नारायणी की मौत हो गई थी। जबकि उसकी 15 वर्षीय पोती गुंजा के जबड़े टूट गए थे। हाल में हुई इस घटना के बाद भी निगम अधिकारियों ने मजदूरों की सुरक्षा की सुध नहीं ली।
