बरेली: विश्वविद्यालय में शोध सहायक शिक्षकों के लिए छात्रवृत्ति योजना लागू
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय शोध करने वाले छात्रों (सहायक शिक्षकों) के लिए टीचिंग असिस्टेंट स्कॉलरशिप स्कीम लागू करेगा। गुरुवार को एमबीए विभाग स्थित सिंडिकेट हॉल में कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव पास कर दिया गया। बैठक में विद्या परिषद में पास हुए नई …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय शोध करने वाले छात्रों (सहायक शिक्षकों) के लिए टीचिंग असिस्टेंट स्कॉलरशिप स्कीम लागू करेगा। गुरुवार को एमबीए विभाग स्थित सिंडिकेट हॉल में कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव पास कर दिया गया। बैठक में विद्या परिषद में पास हुए नई शिक्षा नीति के तहत नए पाठ्यक्रमों के संचालन और नई परीक्षा व्यवस्था को लागू करने की अनुमति दे दी गई।
कार्यपरिषद की बैठक 8 दिसंबर 2020 के कार्यवृत्त की सम्पुष्टि की गई और कार्य परिषद को कृत कार्यवाही से अवगत कराया गया। बैठक में शैक्षिक शोध एवं सम्बद्धता के अन्तर्गत डायरेक्टरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन, कंसल्टेंसी सेल समेत अन्य निदेशालयों के निर्णय के अनुपालन के बारे में परिषद को बताया गया।
विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों को भर्ती के लिए निमित्त पदों की न्यूनतम आयु तथा शैक्षिक अर्हता के निर्धारण के लिए कुलपति द्वारा गठित समिति द्वारा मैट्रन एवं कैशियर और अन्य पद के लिए न्यूनतम आयु एवं शैक्षिक अर्हता निर्धारित किये जाने के लिए की गई संस्तुति पर विचार किया गया और इसे कार्य परिषद की अगली बैठक में लाने के लिए सहमति प्रदान की गई। इससे जल्द ही खाली पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो जाएगा। 19 मार्च को हुई वित्त समिति की बैठक के कार्यवृत्त का अनुमोदन कार्य परिषद द्वारा किया गया।
इससे साफ है कि विश्वविद्यालय के घाटे का बजट पास हो गया। इसके अलावा 22 मार्च को हुई विद्या परिषद की बैठक के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। शोध निदेशालय से प्राप्त प्रस्ताव टीचिंग असिस्टेंट स्कॉलरशिप स्कीम को लागू किये जाने पर विचार किया गया। ऐसे शोध छात्र जिन्होंने विश्वविद्यालय की शोध प्रवेश परीक्षा तथा साक्षात्कार उत्तीर्ण कर प्रवेश पाया है। विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में एक निश्चित अनुसंधान छात्रवृत्ति पर अध्यापन कार्य कर सकेंगे। इसके तहत छात्रों को एकमुश्त धनराशि दी जाएगी। बैठक में शोध निदेशालय को विश्वविद्यालय परिनियमावली में सम्मिलित किये जाने की अनुमति प्रदान की गई।
राजश्री मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, बरेली को एमडी/एमएस पाठ्यक्रम में, ज्योति कॉलेज ऑफ मैनेजमेण्ट साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, बरेली को एमएसी नर्सिंग, एसडी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मुरादाबाद को बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में निरीक्षण मंडल की संस्तुति के आधार पर वर्ष 2020-21 के लिए नवीन सम्बद्धता, अग्रेतर सम्बद्धता तथा विस्तारण प्रदान किये जाने वाली कार्यवाही से परिषद को अवगत कराया गया।
शिक्षक प्रोन्नत होकर बनेंगे एसो. प्रोफेसर
अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में वर्ष 2008 में सीधी भर्ती से उपाचार्य (सह-आचार्य) पद पर नियुक्त शिक्षकों को एसोसिएट प्रोफेसर एवं वेतनमान दिये जाने के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय में कार्यरत आईईटी संकायान्तर्गत शिक्षकों डा. मनीष राय, डा. एसएस बेदी, डा. एस.के. पाण्डेय एवं डा. निवेदिता श्रीवास्तव की प्रोन्नति के सम्बंध में अनुमति दी गई। इसके अलावा बैठक में प्राचार्य, स्वामी शुकेदेवानन्द पी.जी. कॉलेज, शाहजहांपुर के पत्र जिसमें विश्वविद्यालय से सम्बद्ध अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तृतीय एवं चतुर्थ संवर्ग की सेवानिवृत्ति तिथि के सम्बन्ध में प्रत्येक सरकारी सेवक उस मास के जिसमें वह 60 वर्ष की आयु प्राप्त करे, अन्तिम दिन अपरान्ह में सेवानिवृत्त होने की अनुमति दी गई।
एनटीए के छात्र ऑनलाइन जमा करेंगे पंजीकरण शुल्क
संकायाध्यक्ष, आईईटी एवं व्यवसाय प्रबन्धन संकाय से प्राप्त प्रस्ताव अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ से सम्बद्ध समस्त महाविद्यालय या संस्थानों में प्रवेश एनटीए की काउंसिलिंग के माध्यम से लिये जायेंगे। छात्रों के पंजीकरण कराकर एनटीए की मेरिट के आधार पर सत्र 2021-22 से प्रवेश सुनिश्चित किये जाएंगे। उनके ऑनलाइन पंजीकरण के लिए 500 रुपये प्रति छात्र की दर से शुल्क लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई।
पहले छात्रों को ऑफलाइन फीस जमा करने में परेशानी होती थी। इसके अलावा शोध उपाधि के लिए सफल मौखिकी के आधार पर शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान किये जाने सम्बंधी आदेश परिषद में रखा गया। शोधार्थी दुर्गेश कुमार शर्मा, (एप्लाइड भौतिकी), नीमिशा जैन (रसायन), मुनीश कुमार (भौतिकी), मोहित शर्मा (अर्थशास्त्र) को शोध उपाधि प्रदान करने की स्वीकृति दी।
