अल्मोड़ा: बल्सा में फर्जी सार्टिफिकेट के दम पर बने हेडमास्टर, बच्चों को दे रहे थे शिक्षा
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिला मुख्यालय से लगे हवालबाग ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बल्सा में कार्यरत एक प्रधानाध्यापक के इंटर परीक्षा के अंकपत्र और प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक को इस संबंध में प्रमाणिकता प्रस्तुत करने के लिए नोटिस देकर एक सप्ताह का समय दिया है। निर्धारित अवधि में साक्ष्य …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिला मुख्यालय से लगे हवालबाग ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बल्सा में कार्यरत एक प्रधानाध्यापक के इंटर परीक्षा के अंकपत्र और प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक को इस संबंध में प्रमाणिकता प्रस्तुत करने के लिए नोटिस देकर एक सप्ताह का समय दिया है। निर्धारित अवधि में साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिक्षा विभाग द्वारा कराई जा रही विभागीय जांच के दौरान बल्सा में कार्यरत प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार के इंटरमीडिएट का अंकपत्र और प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था। जिसके बाद अंकपत्र और प्रमाण पत्र को सत्यापन के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के बरेली स्थित कार्यालय को भेजा गया। परिषद के अनुसार प्रधानाध्यापक का परीक्षाफल संबंधित वर्ष में रद्द किया गया था। 9 मार्च को दोबारा अंकपत्र और प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए प्रधानाचार्य सीआरएसटी इंटर कालेज नैनीताल को भेजा गया। जहां से जानकारी मिली कि प्रधानाध्यापक के वर्ष 1994 के अंकपत्र और प्रमाण पत्र का मिलान विद्यालय के अभिलेखों से नहीं हो रहा है।
जिसके बाद 23 मार्च को प्रधानाध्यापक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक के सामने प्रस्तुत होकर अपने अंकपत्र और प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। जिनका मिलान नैनीताल से मिले अभिलेखों से किया गया तो उनमें काफी अंतर मिला। प्रधानाध्यापक द्वारा इंटर की परीक्षा वर्ष 1994 में उत्तीर्ण किया जाना भी अवैध पाया गया। अभिलेखों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद अब विभाग ने शिक्षक को फिर नोटिस देकर अंकपत्र और प्रमाण पत्र की सत्यता प्रमाणित करने के निर्देश दिए हैं।
बल्सा में कार्यरत प्रधानाध्यापक के अंकपत्र और प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। शिक्षक से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है। एक सप्ताह में सही अभिलेख जमा न करने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकारी सेवक नियमावली-2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
-एचबी चंद, मुख्य शिक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा
