बागेश्वर: मृत कांस्टेबल को सम्मान न दिए जाने पर जब सवाल उठे तो जागा पुलिस विभाग
बागेश्वर, अमृत विचार। गरुड़ विकासखंड के रामपुर निवासी और कुम्भ में तैनात चल रहे कांस्टेबल गणेश नाथ की मौत का मामला मीडिया में काफी चर्चा में रहा, जिसमें यह बताया गया था कि ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल का शव एक कार से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस महकमे द्वारा उसके शव को बिस्तरबंद में लपेट …
बागेश्वर, अमृत विचार। गरुड़ विकासखंड के रामपुर निवासी और कुम्भ में तैनात चल रहे कांस्टेबल गणेश नाथ की मौत का मामला मीडिया में काफी चर्चा में रहा, जिसमें यह बताया गया था कि ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल का शव एक कार से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस महकमे द्वारा उसके शव को बिस्तरबंद में लपेट कर उसके घर भेज दिया गया। इसे अमानवीय बताकर उसके परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर कांस्टेबल को सम्मान न देने का आरोप लगाया। खबर सुर्खियों में आने पर पुलिस की काफी आलोचना हुई।
इसका संज्ञान लेने के बाद बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने यहां पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि कांस्टेबल के परिवार को विभागीय नियम के अनुसार परिवार को 1 लाख 10 हजार की आर्थिक सहायता दे दी गई है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया में पुलिस द्वारा सम्मान न दिए जाने के प्रचार को झूठा बताया।
कहा कि कुछ लोग अनर्गल पोस्ट करने के बाद पुलिस की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने सभी औपचारिकताओं के तहत पुलिस कर्मी के शव को ससम्मान वाहन के साथ भेजा था। साथ ही पुलिस राजकीय सम्मान के तहत उसे सलामी भी दी गई। कहा कि पुलिस के खिलाफ इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाना गलत है।
