बरेली: पुलिस ने माना साधु की हत्या हुई, अज्ञात पर एफआईआर

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। 13 फरवरी, 2010 में धोपेश्वर नाथ मंदिर में महंत गोकरण गिरि की हत्या की गुत्थी अभी तक सुलझी नहीं है। इसमें सीबीसीआईडी जांच हो चुकी है। वर्ष 2014 से सीबीआई जांच चल रही है लेकिन एजेंसियों की जांचें भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। अब होली के दिन बाबा रामचंद्र गिरि की …

अमृत विचार, बरेली। 13 फरवरी, 2010 में धोपेश्वर नाथ मंदिर में महंत गोकरण गिरि की हत्या की गुत्थी अभी तक सुलझी नहीं है। इसमें सीबीसीआईडी जांच हो चुकी है। वर्ष 2014 से सीबीआई जांच चल रही है लेकिन एजेंसियों की जांचें भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। अब होली के दिन बाबा रामचंद्र गिरि की उनकी मढ़ी के अंदर ही हत्या कर दी। वह खून से लथपथ अवस्था में मिले थे।

अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई थी। इस प्रकरण में पुलिस शुरू से कह रही कि बाबा की गिरने से मौत हो गई लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की ओर इशारा किया और सिर में चोट लगने से बाबा की मौत होना बताया तब पुलिस ने भी बाबा की हत्या होने की बात मानी है।

बुधवार को कैंट पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस पड़ताल में जुटी है कि बाबा को क्यों और किसलिए कोई मारेगा। बाबा यहां कब से आए, मूलत: कहां के रहने वाले थे आदि बिंदुओं पर पुलिस की तफ्तीश शुरू हो गई है। बाबा की हत्या को लेकर धोपेश्वरनाथ मंदिर से लेकर आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

होली के दिन सोमवार को धोपेश्वरनाथ मंदिर परिसर स्थित मढ़ी में बाबा रामचंद्र गिरि घायल मिले थे। बाद में अस्पताल ले जाते उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके सिर में गंभीर चोटें लगी थीं। इसी वजह से उनकी मौत हुई। उनकी बायीं कनपटी की हड्डी भी टूटी मिली। जानकारों का कहना है कि सिर की हड्डी मजबूत होती। अमूमन गिरने से नहीं टूटती है। वहीं, पुलिस का तर्क है कि जिस जगह बाबा गिरने थे। वहां पर फर्श है। जिस वजह से उनकी हड्डी टूट गई होगी। उनके हाथ में भी चोटों के निशान थे।

क्या वजह हो सकती है हत्या की
मंदिर के व्यवस्था समिति के प्रमुख एनडी पांडेय ने बताया कि मंदिर की संपत्ति या चढ़ावा से बाबा रामचंद्र गिरि का कुछ भी लेना देना नहीं था। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि कोई भी बाबा की हत्या संपत्ति के लिए नहीं कर सकता है। वहीं, लोगों का कहना है कि बाबा की हत्या तो हुई है, लेकिन वजह कोई भी नहीं बता पा रहा है। सवाल यह है कि यदि रामचंद्र गिरि की हत्या हुई है तो वजह क्या हो सकती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

परिजनों के इंतजार में रखा बाबा का शव
पुलिस अब तक बाबा रामचंद्र गिरि के परिजनों का पता नहीं लगा सकी है। यही वजह है कि उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस के अनुसार यदि बाबा के परिजनों का पता चल गया तो शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

रामचंद्र गिरि की हत्या करने के मामले में अज्ञात अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद पता चलेगा कि आखिर क्या मामला है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
-राजीव कुमार सिंह, इंस्पेक्टर कैंट

महंत गोकरण गिरि की हत्या की जांच कर रही है सीबीआई
धोपेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी की हत्या का मामला फरवरी 2020 में भी चर्चा में आया। तब कैंट थाने के तत्कालीन मुंशी हवलदार सिंह पर अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुंशी हवलदार सिंह के खिलाफ पुजारी की पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्य से जुड़ी सीडी गायब करने का आरोप लगा है। मामले की सीबीआई जांच चल रही है। 13 फरवरी 2010 को मंदिर के महंत गोकरण गिरि का शव जलाशय में मिला था। सीबीसीआईडी की जांच हुई जिसमें बसपा के तत्कालीन विधायक वीरेंद्र सिंह समेत अन्य बेकसूर निकले थे। इस मामले की जांच 2014 से सीबीआई कर रही है।

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