बनबसा: क्षेत्र में लगा एकमात्र सरकारी कांटा, अब तक शुरू नहीं हो सकी गेहूं खरीद
बनबसा, अमृत विचार। क्षेत्र में गेहूं की फसल पकने के साथ ही किसान कटाई में जुट गए हैं। वहीं, सहकारी समिति की ओर से स्ट्रांग फार्म में गेहूं खरीदने के लिए एक कांटा लगाया गया है, जहां फिलहाल अब तक गेहूं के एक भी दाने की खरीद नहीं हुई है। नेपाल सीमा से सटे बनबसा …
बनबसा, अमृत विचार। क्षेत्र में गेहूं की फसल पकने के साथ ही किसान कटाई में जुट गए हैं। वहीं, सहकारी समिति की ओर से स्ट्रांग फार्म में गेहूं खरीदने के लिए एक कांटा लगाया गया है, जहां फिलहाल अब तक गेहूं के एक भी दाने की खरीद नहीं हुई है।
नेपाल सीमा से सटे बनबसा क्षेत्र में अधिकतर लोग खेतीबाड़ी कर अपनी आजीविका चलाते हैं। सीजन के हिसाब से यहां गेहूं और धान की पैदावार होती है। इन दिनों खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी है, जिसकी कटाई में किसान जुट गए हैं। वहीं, सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये निर्धारित किया गया है।
इसके लिए एक अप्रैल को बमनपुरी ग्राम सभा के अंतर्गत स्ट्रांग फार्म में सहकारी समिति का एक कांटा भी लगाया गया है। सहकारी समिति के सचिव दीनानाथ वर्मा ने बताया कि मेन रोड से करीब 500 मीटर अंदर स्ट्रांग फार्म में सहकारी समिति का एक कांटा लगाया गया है, जहां पर किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। फिलहाल अभी राजस्व विभाग से किसानों की सूची और लक्ष्य नहीं मिला है। इनके मिलने के साथ ही गेहूं खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 मई तक कांटा लगने की उम्मीद है।
उधर, बमनपुरी की प्रधान भावना नेगी का कहना है कि क्षेत्र के हिसाब से एक कांटा कम है। इसके अलावा वर्तमान में जो कांटा लगाया गया है, वह भी मेन रोड से करीब 500 मीटर अंदर है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में कम से कम दो कांटे लगने चाहिए, जिसमें एक कांटा रोड साइड में हो और उसमें गेहूं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
