हल्द्वानी: जब तक जंगल में न होगी आग शांत तब तक वन अफसरों को न मिल पाएगा अवकाश

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हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के जंगलों में बेकाबू होती आग को काबू में करने के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर मंगाए गए हैं। इसी के साथ ही फायर सीजन-2021 तक सभी वनाधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ अपरिहार्य कारणों से उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद ही अवकाश मिलेगा। यहां तक …

हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के जंगलों में बेकाबू होती आग को काबू में करने के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर मंगाए गए हैं। इसी के साथ ही फायर सीजन-2021 तक सभी वनाधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ अपरिहार्य कारणों से उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद ही अवकाश मिलेगा। यहां तक की सरकारी काम से कार्य क्षेत्र छोड़ने पर भी देहरादून मुख्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य है।

प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में जंगलों में आग की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। चीड़ के जंगल में पतझड़ से आग की संभावनाएं बढ़ गई हैं। राज्य में भी सूखे की स्थिति बनी हुई है। यदि सूखे के यही हालात रहे तो बांज के जंगलों में भी आग लग सकती है। इसलिए अप्रैल-मई में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि फायर सीजन-2021 में सभी रेंजर, फील्ड स्टाफ 24 घंटे अलर्ट रहेंगे। सभी वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी और सहायक वन संरक्षक ड्यूटी पर ही रहेंगे। सरकारी यात्रा के लिए भी मुख्यालय से अनुमति लेनी होगी। सभी डीएफओ माह में तकरीबन 10 दिनों जंगलों में आग की घटनाओं को लेकर निरीक्षण करेंगे और तैयारियां पूरी करेंगे।

भरतरी ने कहा कि भारतीय वन सर्वेक्षण की ओर से जंगलों में आग की घटनाओं के एसएमएस अलर्ट मिलते हैं। इन अलर्ट पर तुरंत कार्रवाई होगी और इसकी मॉनीटरिंग भी होगी। फायर सीजन में सभी वन अधिकारियों से कर्मचारियों तक के अवकाश निरस्त होंगे हालांकि अपरिहार्य कारणों से वन संरक्षक के संज्ञान में आने पर अवकाश दिया जा सकता है। कुमाऊं और गढ़वाल के जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं की नियमित रुप से देहरादून में बने राज्य कंट्रोल रूम में रिपोर्ट देनी होगी।

 

 जंगलों की आग से होने वाले नुकसान पर तुरंत हो कार्रवाई 

हल्द्वानी। प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने कहा कि पिथौरागढ़ जिलाधिकारी ने एक पत्र लिखा है इसमें जंगलों में आग से होने वाले किसी भी किस्म के नुकसान मकान, पालतू पशु की क्षति होने पर त्वरित कार्रवाई कर मुआवजा देने की मांग की है। इस को संज्ञान में लिया जाए और ऐसी घटना पर तुरंत कार्रवाई कर प्रभावितों को मदद दी जाए।

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