हल्द्वानी कोतवाली को मिला उत्तराखंड में सर्वश्रेष्ठ स्थान
हल्द्वानी, अमृत विचार। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राज्य पुलिस थानों की कार्यशैली को लेकर कराए गए सर्वेक्षण में हल्द्वानी कोतवाली उत्तराखंड में नंबर वन आई है। हल्द्वानी ने राज्य भर के 159 थानों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। गृह मंत्रालय ने निर्धारित मापदंडों के आधार पर वर्ष 2020 के लिए सर्वेक्षण कराया …
हल्द्वानी, अमृत विचार। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राज्य पुलिस थानों की कार्यशैली को लेकर कराए गए सर्वेक्षण में हल्द्वानी कोतवाली उत्तराखंड में नंबर वन आई है। हल्द्वानी ने राज्य भर के 159 थानों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
गृह मंत्रालय ने निर्धारित मापदंडों के आधार पर वर्ष 2020 के लिए सर्वेक्षण कराया था। इस सर्वेक्षण के तहत थानों की कार्यशैली को देखा और परखा गया। नैनीताल एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने बताया कि हल्द्वानी को प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन चुना गया।
इधर, डीपीजी अशोक कुमार ने इस उपलब्धि पर नैनीताल एसएसपी और तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक को 20 हजार के इनाम की घोषणा की है। मंगलवार शाम एसएसपी ने हल्द्वानी कोतवाली के तत्कालीन निरीक्षक संजय कुमार और स्टाफ को सम्मानित किया। उम्मीद जताई कि इस उपलब्धि से अन्य थाने भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
सर्वश्रेष्ठ थाना चुने जाने पर हुआ सम्मान, मनाया जश्न
– मंगलवार शाम कोतवाली में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने तत्कालीन कोतवाल संजय कुमार और कोतवाली की पुलिस टीम को बुके देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर एसएसपी ने कहा कि इस उपलब्धि से साफ है कि कोतवाली पुलिस की कार्यशैली में सुधार हुआ है। हम बेहतर पुलिसिंग की ओर बढ़ रहे हैं। कोतवाली स्टाफ और उत्साह के साथ काम करेगा। उम्मीद जताते हुए जिले के दूसरे थानों को भी कार्यशैली में सुधार की प्रेरणा मिलेगी। इससे पहले सर्वश्रेष्ठ थाना चुने जाने का पता चलने पर कोतवाली के पुलिस कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कोतवाली को फूलों और रंगोली से सजाया गया। मिठाई बांटकर जश्न मनाया गया।
इस मौके पर प्रभारी एसपी सिटी डॉ जगदीश चंद्र, सीओ सिटी प्रमोद शाह, कोतवाल मनोज रतूड़ी, निरीक्षक महेश चंद्रा, एसएसआई कैलाश सिंह नेगी, एसआई पीएस नगरकोटी, एसआई दिनेश चंद्र जोशी, एसआई रविंद्र सिंह राणा, एसआई देवेंद्र सिंह बिष्ट, एसआई राजवीर सिंह नेगी आदि थे।
