हल्द्वानी: कोरोना के बीच अब डायरिया और सीजनल बीमारियों का खतरा बढ़ा
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार अपने भयावह रुप में तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अनेक कोशिशों के बावजूद इसके संक्रमण पर पूरी तरह से अभी तक नियंत्रण नही किया जा सका है। उधर, मौसम में बदलाव के चलते अस्पतालों में डायरिया, वायरल फिवर और खांसी, जुकाम के मरीजों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार अपने भयावह रुप में तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अनेक कोशिशों के बावजूद इसके संक्रमण पर पूरी तरह से अभी तक नियंत्रण नही किया जा सका है। उधर, मौसम में बदलाव के चलते अस्पतालों में डायरिया, वायरल फिवर और खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या में काफी वृद्धी देखी जा रही है। बेस अस्पताल में ओपीडी के तहत रोजाना 200 – 300 के बीच मरीज अपनी जांच कराने पहुंच रहे है। इसके अलावा महिला अस्पताल में रोजाना लगभग 70 – 80 बच्चों में इन बीमारियों की पुष्ट हो रही है।
अस्पतालों में ऐसे मरीजों की हो रही कोरोना की जांच
कोरोना के संक्रमण से लोगों के बचाव के लिए अस्पतालों में सबसें पहले सैंपलिंग कर उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना के शुरुआती दौर में भी बुखार और खांसी, जुकाम जैसे ही लक्षण पाए जाते है । फलस्वरुप आने वाले सभी मरीजों की जांच कराई जा रही है।
यह है डायरिया और सीजनल बीमारियों के लक्षण
डायारिया का संक्रमण मुख्य रुप से गंदगी के कारण होता है। दूषित पानी का सेवन करने के कारण इस रोग के होने की प्रबल आशंका रहती है। इसका संक्रमण होने पर पेट में ऐंठन व उल्टी दस्त की शिकायत होने लगती है। बुखार, शरीर दर्द लगातार बना रहता है और भूख में कमी हो जाती है।
लोगों में इस प्रकार के लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चहिए। मौसम में बदलाव के कारण इस तरह की बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। घर में प्रवेश करने के साथ ही सबसे पहले हाथ, पैर और मुंह को अच्छी तरह साबुन से धोंएं और बाहरी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। बाहर के कटे हुए फलों का सेवन बिल्कुल न करें और फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं। डॉ. विनीता निर्खुपा, फिजिशियन, बेस अस्पताल
