बरेली: 300 बेड अस्पताल में दूसरे दिन भी दो घंटे बिजली गुल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। 300 बेड कोविड अस्पताल में शनिवार को संक्रमित मरीजों को फिर से परेशानी उठानी पड़ी। सबसे पहले दोपहर 12 बजे बिजली गुल हो गई, फिर खाना भी करीब एक घंटे की देरी से मिला। भर्ती मरीजों ने हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया तो प्रबंधन ने जल्द ही बिजली आने का आश्वासन दिया। …

बरेली, अमृत विचार। 300 बेड कोविड अस्पताल में शनिवार को संक्रमित मरीजों को फिर से परेशानी उठानी पड़ी। सबसे पहले दोपहर 12 बजे बिजली गुल हो गई, फिर खाना भी करीब एक घंटे की देरी से मिला। भर्ती मरीजों ने हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया तो प्रबंधन ने जल्द ही बिजली आने का आश्वासन दिया। हालांकि बिजली करीब दो घंटा देरी से आई।

इससे पहले भी बिजली की दिक्कत से मरीज परेशान हुए थे। जिस कर्मचारी को जनरेटर संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, उसे जनरेटर भी चलाना नहीं आ रहा था।

गर्मी के चलते बिजली गुल हो जाने से मरीज दो घंटे तक परेशान रहे। इससे मरीजों ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं,कोविड अस्पताल के सीएमएस डा. वागीश वैश्य ने बताया कि बिजली गुल होने पर मरीजों की शिकायत आने पर तुरंत संबंधित सब स्टेशन से जानकारी ली।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार पूर्व में जो इलेक्ट्रिशियन यहां तैनात था उसे कार्यमुक्त कर दिया गया है। जो इलेक्ट्रिशियन विभाग ने भेजा है उसे हॉस्पिटल में लगे जेनरेटर की पुख्ता जानकारी नहीं है। हालांकि उच्चाधिकारियों ने अब भविष्य में इस प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए व्यवस्था कर प्रशिक्षित स्टाफ तैनात कर दिया है।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार सिंधु नगर में फॉल्ट आने के चलते अस्पताल की बिजली प्रभावित हुई। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब मानसिक चिकित्सालय वाली लाइन से कनेक्शन कराने को लेकर रणनीति बना रहे हैं, जिससे अस्पताल में कार्य प्रभावित न हो।

ये व्यवस्थाएं करना अनिवार्य
प्रवासी मजदूर, श्रमिक और कामगार अन्य राज्यों से लौटना शुरू हो गए हैं। जांच कराकर इन्हें अस्थायी आश्रय स्थल और क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जाएगा। स्क्रीनिंग भी की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को क्वारंटाइन सेंटर परिसर में साफ शौचालय, स्नानघर, विद्युत आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ पेयजल, संबोधन के लिए लाउडस्पीकर, अस्थायी किचन, साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने के निर्देश दिये हैं।

कहा है कि सभी सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थान बंद चल रहे हैं। मैरिज हाल, लॉज, धर्मशाला और प्राइवेट व सरकारी शिक्षक संस्थाओं में व्यवस्थाएं पर्याप्त रहती हैं। संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए कि नए अस्थायी आश्रय स्थल, क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए ऐसे संस्थानों व भवनों को प्राथमिकता पर चयन करें। आपदा प्रबंधन अधिनियम एक्ट के तहत इनका अधिग्रहण करें।

फिर बनायी जाएंगी कम्युनिटी किचन
क्वारंटाइन सेंटरों में रहने वाले प्रवासियों को पका भोजन पैकेट उपलब कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक दिन में दो बार शाकाहारी भोजन खिलाया जाएगा। 11 बजे तक खाने में सब्जी, दाल, रोटी, पूड़ी व चावल दिया जाएगा। जबकि शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक खाना खिलाने के निर्देश दिए हैं। भोजन की एक थाली अधिकतम 40 रुपये में देने के निर्देश दिए हैं। बाहर से काफी मात्रा में प्रवासी आएंगे। इसके लिए अस्थायी आश्रय स्थल, क्वारंटाइन सेंटर के पास अस्थायी किचन बनाई जाएं। खाना बनाकर परोसने वाले की भी जांच के निर्देश दिए हैं।

संबंधित समाचार