फ्रांस ने भेजे आठ अत्याधुनिक ऑक्सीजन जेनेरेटर, चार दिल्ली में लगेंगे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। कोविड महामारी में भारत की सहायता के लिए फ्रांस से पहली खेप आज सुबह यहां पहुंची जिसमें अस्पताल में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले आठ अत्याधुनिक संयंत्र शामिल हैं। सूत्रों ने यहां बताया कि फ्रांस की सरकार ने इस खेप को भारतीय रेडक्राॅस सोसाइटी के माध्यम से भारत सरकार को सौंपा। सूत्रों के …

नई दिल्ली। कोविड महामारी में भारत की सहायता के लिए फ्रांस से पहली खेप आज सुबह यहां पहुंची जिसमें अस्पताल में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले आठ अत्याधुनिक संयंत्र शामिल हैं। सूत्रों ने यहां बताया कि फ्रांस की सरकार ने इस खेप को भारतीय रेडक्राॅस सोसाइटी के माध्यम से भारत सरकार को सौंपा। सूत्रों के अनुसार सरकार ने प्राथमिकता एवं आवश्यकता के आधार पर उन आठ अस्पतालों को पहले से चिह्नित कर लिया है जहां ये संयंत्र लगाये जाएंगे।

इनमें से कम से कम चार अस्पताल दिल्ली के हैं। इससे कई महत्वपू्र्ण स्थानों पर ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर राहत मिल सकेगी। प्रत्येक नोवएयर प्रीमियम आर एक्स 400 हॉस्पिटल लेवल ऑक्सीजन जेनेरेटर 250 बिस्तरों को सालभर तक ऑक्सीजन दे सकता है। ये ऑक्सीजन जेनेरेटर आठ अस्पतालों को दस साल से अधिक समय तक अनवरत प्राणवायु प्रदान करने में सक्षम है। इसके अलावा फ्रांस से आयी सामग्री में 28 वेंटीलेटर, 200 इलेक्ट्रिक सिरिंज पम्प, 28 एएफनॉर/बीएस फ्लैक्सिबिल ट्यूब, 500 बैक्टीरिया रोधी फिल्टर, 500 मशीन फिल्टर तथा 500 संबंधित रोगी सर्किट भी उल्लेखनीय है कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुअल मैंकों ने सोशल मीडिया पोस्ट पर भारत से एकजुटता व्यक्त करते हुए एक संदेश हिन्दी में दिया है।

इससे पहले कल देर रात जर्मनी से भी सहायता सामग्री पहुंची जिसमें 120 प्रिज़्मावेंट 50 वेंटीलेटर शामिल हैं। जर्मनी अगले सप्ताह भारत काे एक सचल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और 13 जर्मनी तकनीशियनों को संयंत्र स्थापित करने एवं प्रशिक्षण देने के लिए भेजेगा। जर्मनी से रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं मोनोक्लोनल भी आना है। जर्मनी की एक एजेंसी वेबीनार के माध्यम से भारतीय तकनीकी टीम को वायरस की सीक्वेंसिंग की जानकारी देगी। इसके अलावा जर्मनी की निजी कंपनी लिंडे से टाटा कंपनी द्वारा 24 ऑक्सीजन परिवहन टैंक खरीदे जा रहे हैं। जबकि ऑयल इंडिया कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा जर्मनी की कंपनी एल्बात्रोस से चार ऑक्सीजन टैंक खरीदे जा रहे हैं।

थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा ने भी भारत की मदद की पेशकश की है जिस पर भारत ने ऑक्सीजन संबंधी उपकरण जैसे सिलेंडर, कन्सन्ट्रेटर, जेनेरेटर एवं क्रायोजेनिक टैंक आदि की जरूरत बतायी है। इसबीच भारतीय कंपनियो ने बैंकाक में भारतीय दूतावास के समन्वय से क्रायोजेनिक टैंकों की खरीद की है। इनमें से 11 टैंक भारत पहुंच चुके हैं। बैंकाक में हिन्दू समाज नाम के सामुदायिक संगठन ने शनिवार को 15 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर भेजे हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड ने भी सौ ऑक्सीजन सिलेंडर देने की पेशकश की है।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता
लखनऊ में IGRS शिकायतों पर बड़ा एक्शन: 60% शिकायतकर्ता असंतुष्ट, डीएम ने 25 अधिकारियों का जून का वेतन रोका