कोरोना को है हराना: कोविड-19 ने छीनी भाई की जिंदगी, सकारात्मक रहकर पिता-पुत्र ने इस तरह दी महामारी को मात
हल्द्वानी, अमृत विचार। घर में एक मौत कोविड-19 से हो गई और घर के मुखिया समेत दो लोग कोरोना संक्रमित हो। सोचिए परिवार की क्या हालत होगी लेकिन इस दशा में भी मुखिया ने मजबूत इच्छा शक्ति और संतुलित खानपान से न केवल खुद को बल्कि बेटे को भी इस महामारी से बचाया। पॉजीटिव रहकर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। घर में एक मौत कोविड-19 से हो गई और घर के मुखिया समेत दो लोग कोरोना संक्रमित हो। सोचिए परिवार की क्या हालत होगी लेकिन इस दशा में भी मुखिया ने मजबूत इच्छा शक्ति और संतुलित खानपान से न केवल खुद को बल्कि बेटे को भी इस महामारी से बचाया। पॉजीटिव रहकर सिर्फ 12 दिनों में ही खुद को निगेटिव कर दिया।
काठगोदाम रेलवे स्टेशन के अधीक्षक चयन रॉय ने बताया कि उनके भाई रूपक रॉय को अक्टूबर में कोविड-19 बीमारी हो गई थी। उनको उपचार के लिए दिल्ली के नामी गिरामी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। भाई की देखभाल के दौरान वह स्वयं और उनका इकलौता 21 साल का बेटा अभिजीत रॉय कोविड-19 की चपेट में आ गया। लेकिन वे घबराए नहीं और उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति से इस महामारी का मुकाबला किया। बीमार रहने के दौरान उन्होंने दिन में तीन-तीन बार नींबू वाली चाय पी। भोजन में नींबू की मात्रा बढ़ा दी।
सामान्य खाना खाया और हल्का व्यायाम किया। साथ ही रॉय ने खुद और बेटे को बताया कि कोविड-19 महामारी बस एक सर्दी जुकाम है इससे जल्द ही पार पाया जा सकता है। उनकी सकारात्मक सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और संतुलित आहार से इस बीमारी को महज 12 दिनों में ही मात दे दी। स्टेशन अधीक्षक रॉय का कहना है कि हमारे मनोबल और इच्छा शक्ति के सामने कोविड-19 महामारी महज एक सर्दी जुकाम से ज्यादा नहीं है। यह बीमारी कुछ भी नहीं है।
