हिमाचल प्रदेश में 6 से 16 मई तक काेरोना कर्फ्यू, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद

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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र 6 मई मध्यरात्रि से दस दिन के लिये कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। कर्फ्यू 16 मई मध्यरात्रि तक लागू रहेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। कर्फ्यू के दौरान सभी …

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र 6 मई मध्यरात्रि से दस दिन के लिये कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। कर्फ्यू 16 मई मध्यरात्रि तक लागू रहेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

कर्फ्यू के दौरान सभी सरकारी और प्राईवेट कार्यालय, गैर जरूरी दुकानें बंद रहेंगी। अलबत्ता कर्फ्यू के दौरान जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी लेकिन इनके खुलने और बंद होने का समय सरकार तय करेगी। सरकार ने सम्पूर्ण लॉकडाउन के बजाय काेरोना कर्फ्यू लगाया है। कर्फ्यू के दौरान राज्य में निषेधाज्ञा लागू रहेगी जिसके तहत एक स्थान पर पांच से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे।

इससे पहले सरकार द्वारा गत रात्रि पीटरहॉफ में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस समेत विपक्ष ने कहा कि मानवता की रक्षा के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी वह उसका समर्थन करेगा। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। देर रात तक चली इस बैठक में कोविड संक्रमण की विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार को विपक्षी की ओर से भी सुझाव दिए गये।

सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विस्तार से सार्थक चर्चा हुई। सबको इकट्ठा होकर लोगों की जान बचाने के लिए काम करना चाहिए। जो भी कमियों को दूर करने के लिए प्रयास किया जाएगा। कोविड को रोकने के लिए और ज्यादा बंदिशों को लगाने और लॉकडाउन पर विचार किया जाएगा।

ऑक्सीजन की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सिजन की कमी के कारण किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। वहीं विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में 25 हजार कोरोना मरीज हैं और मृत्यु का आंकड़ा 1600 के पार हो गया है। सरकार स्थिति को नियंत्रण करने के लिए जो भी कदम उठाएगी विपक्ष उसमे सरकार के साथ है। अगर लॉक डाउन जैसी स्थिति बनती है तो सरकार को मध्यम वर्ग के लिए पैकेज का प्रावधान करना चाहिए। गरीब लोगों के खातों में पैसे आने चाहिए ताकि कोई भूख से न मरे।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी न हो ओर अतिरिक्त सिलेंडर का प्रावधान सरकार को करना चाहिए। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी(माकपा) विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि राज्य की जनता के मसलों को बैठक में रखा गया है। कोविड को हराने के जनता की भागीदारी होना आवश्यक है।

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