हल्द्वानीः कुमाऊं की कौन-कौन सी बसों का संचालन हुआ ठप, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड की बसों पर रोक लगाने से कुमाऊं से पांच राज्यों के अलग-अलग रूटों पर बस सेवा ठप हो गई है। बसें सिर्फ यूपी बार्डर तक ही जा रही हैं। इससे यात्रियों की फजीहत हो रही है और परिवहन निगम को भी नुकसान उठ रहा है। परिवहन निगम अधिकारियों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड की बसों पर रोक लगाने से कुमाऊं से पांच राज्यों के अलग-अलग रूटों पर बस सेवा ठप हो गई है। बसें सिर्फ यूपी बार्डर तक ही जा रही हैं। इससे यात्रियों की फजीहत हो रही है और परिवहन निगम को भी नुकसान उठ रहा है।
परिवहन निगम अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश शासन ने उत्तराखंड की बसों का प्रदेश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है जो शनिवार से लागू हो गया है। इसके बाद हल्द्वानी से दिल्ली, उप्र, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ के लिए बस सेवा ठप हो गई है। नैनीताल परिक्षेत्र से रोजाना तकरीबन तीन दर्जन और हल्द्वानी व काठगोदाम डिपो से तकरीबन 14-15 बसें उप्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के विभिन्न रूटों के लिए संचालित होती हैं।
काशीपुर, रुद्रपुर, भवाली, रामनगर डिपो से भी रोजाना कुल 15-20 बसें संचालित होती हैं। अब ये बसें सिर्फ उत्तराखंड बार्डर तक ही जा रही हैं। जैसें बरेली, लखनऊ रूट पर जाने वाली बसें पुलभट्टा, दिल्ली-मुरादाबाद जाने वाली बसें रुद्रपुर, धर्मपुर बार्डर तक ही जा रही हैं। यहां से उत्तर प्रदेश की बसें मिल रही हैं जिनसे सवारी आगे की यात्रा कर रहे हैं। इधर इससे सवारियों को बसों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है इससे यात्रियों की फजीहत हो रही है।
रोजाना हो रहा लाखों का नुकसान
कोविड-19 महामारी के दौर में हल्द्वानी व काठगोदाम डिपो का रोजाना आठ से 10 लाख रुपये की कमाई थी। जो दिल्ली, उप्र, राजस्थान, हरियाणा रूटों से होती थी। इन रूटों पर सिर्फ उत्तराखंड जाने से कमाई भी प्रभावित हुई है। आर्थिक संकट से जूझ रहे रोडवेज की जेब और ढीली हो गई है।
उत्तर प्रदेश की बसें लेकर जा रही हैं सवारी
उत्तराखंड शासन ने उप्र की बसों के राज्य में प्रवेश पर पाबंदी नहीं लगाई गई हैं। ऐसे में बरेली, आगरा, विकास नगर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ वगैरह डिपो की बसें यहां के बस अड्डों से सवारी लेकर अलग-अलग रूटों पर जा रही हैं। ऐसे में उप्र का यह फरमान उप्र परिवहन निगम के लिए वरदान साबित हो रहा है।
कोविड-19 महामारी से वैसे ही परिवहन निगम की आय प्रभावित हुई थी। अब उप्र जाने पर पाबंदी लगने से यह आधी 50 प्रतिशत तक घट जाएगी। उप्र से जो बसें आ रही हैं उनको राज्य में आगमन पर प्रतिबंध नहीं हैं। इसके लिए तो शासन स्तर से आदेश जारी होना चाहिए- यशपाल सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, हल्द्वानी
