बनबसा: ईद से एक दिन पहले दुकानें खोले जाने की मांग
बनबसा, अमृत विचार। ईद-उल-फितर के दिन ही बाजार खोलने के निर्णय से मुस्लिम समाज के लोग खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए कर्फ्यू लगाने का निर्णय सराहनीय है, लेकिन ईद के दिन बाजार खोलने से लोग जरूरत का सामान नहीं खरीद पाएंगे, इसलिए दुकानें ईद से एक दिन …
बनबसा, अमृत विचार। ईद-उल-फितर के दिन ही बाजार खोलने के निर्णय से मुस्लिम समाज के लोग खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए कर्फ्यू लगाने का निर्णय सराहनीय है, लेकिन ईद के दिन बाजार खोलने से लोग जरूरत का सामान नहीं खरीद पाएंगे, इसलिए दुकानें ईद से एक दिन पहले खोली जानी चाहिए।
व्यापारी असफाक हुसैन, सभासद सकील अहमद मंसूरी, रफी अंसारी, अहमद का कहना है कि कोरोना महामारी जिस तेजी से फैल रही है, उस तरह से कोविड कर्फ्यू का निर्णय सराहनीय है। इससे लोग अधिक से अधिक समय तक घर पर रहेंगे और सुरक्षित रहेंगे, लेकिन कर्फ्यू लगाते वक्त ईद जैसे पर्व का भी ध्यान रखना चाहिए था।
हालांकि, इस बार मुस्लिम समाज के लोग देश में कोरोना महामारी की वजह से ईद को बेहद सादगी से मना रहे हैं। अधिकतर लोगों ने इस बार नए कपड़े भी नहीं खरीदे हैं, लेकिन ईद के लिए सेवई, चीनी, नारियल, खोया, ड्राईफ्रूट आदि बेहद जरूरी हैं। बाजार बंद होने से मुस्लिम समाज के लोग इन वस्तुओं की खरीदारी नहीं कर पाए हैं। अब ईद के दिन बाजार खुलने से भीड़ बढ़ने के साथ ही अफरा-तफरी का माहौल भी बनेगा, जिससे जरूरत के सामान की खरीदारी भी नहीं हो पाएगी। इसके अलावा जिस दिन ईद होगी उस दिन लोग घर पर पर्व मनाएंगे या बाजार से सामान खरीदने जाएंगे। इस पर स्थानीय प्रशासन को भी विचार करना चाहिए। अगर संभव हो तो ईद से एक दिन पहले बाजार खोलना चाहिए, ताकि लोग ईद से एक दिन पहले ही सामान खरीद सकें, जिससे ईद के दिन अफरा-तफरी का माहौल न बने।
उधर, इस बाबत बनबसा थानाध्यक्ष धर्मवीर सोलंकी का कहना है कि सरकार से जिस तरह की गाइडलाइन जारी होगी, उसी के अनुरूप कार्य किया जाएगा। ईद को लेकर जनभावनाओं से उच्चाधिकारियों के अवगत करा दिया जाएगा।
