बरेली: रुविवि में ओपीडी शुरू करने कवायद तेज, किया निरीक्षण
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय व इससे संबद्ध महाविद्यालयों के कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी व उनके परिवार संक्रमित हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। अब विश्वविद्यालय परिसर में बने चिकित्सालय को प्रशासन संचालित करने के प्रयास में जुट गया है। बुधवार को एक निजी मेडिकल कॉलेज …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय व इससे संबद्ध महाविद्यालयों के कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी व उनके परिवार संक्रमित हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। अब विश्वविद्यालय परिसर में बने चिकित्सालय को प्रशासन संचालित करने के प्रयास में जुट गया है।
बुधवार को एक निजी मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रबंधन ने चिकित्सालय का निरीक्षण भी किया। जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन प्रपोजल तैयार करके भेजेगा ताकि कम से कम ओपीडी की शुरुआत हो सके। डीएसडब्लयू प्रो. पीबी सिंह ने बताया कि चिकित्सालय को पूरी तरह से संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया कि वह इसे गोद ले लें।
भविष्य में यहां पर ओपीडी, भर्ती, लैब, डिस्पेंसरी के अलावा अन्य सुविधाएं शुरू की जाएंगी लेकिन अभी ओपीडी शुरू करने पर ज्यादा जोर है। ताकि यदि कोई बीमार होता है तो उसे तुरंत उपचार मिल सके और फिर जरूरत के हिसाब से उसे किसी अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
अभी अस्पताल में भर्ती
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह और चीफ वार्डन प्रो. योगेंद्र प्रसाद कोरोना की वजह से कई दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय से जुड़े लोग परेशान हैं। डॉ. अमित सिंह की मां का कोरोना से निधन हुआ था। मीडिया सेल में काम करने वाले तपन वर्मा की मां का भी निधन हो गया था। बरेली कॉलेज के दो शिक्षकों की भी कोरोना से मौत हो गई थी। कई अन्य कर्मचारियों की मौत हो चुकी है।
