चित्रकूट जेल हत्याकांड: यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, जेलर और जेल अधीक्षक निलंबित

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लखनऊ। चित्रकूट जेल हत्याकांड मामले में यूपी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। चित्रकूट जेल कांड की प्राथमिक रिपोर्ट आते ही यह कार्रवाई की है। कार्रवाई के तहत जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक एसपी त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल सस्पेंड किए गए हैं। यह आदेश अपर मुख्य सचिव गृह …

लखनऊ। चित्रकूट जेल हत्याकांड मामले में यूपी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। चित्रकूट जेल कांड की प्राथमिक रिपोर्ट आते ही यह कार्रवाई की है। कार्रवाई के तहत जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक एसपी त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल सस्पेंड किए गए हैं। यह आदेश अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने जारी किए।

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल कांड की 6 घंटे में रिपोर्ट मांगी थी। कमिश्नर और आईजी चित्रकूट के साथ डीआईजी जेल मुख्यालय को जांच की जिम्मेदारी मिली थी। तीनों वरिष्ठ अफसरों की कमेटी मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जेल के दो बड़े अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने देर रात इस सिलसिले में एक आदेश जारी किया है जिसके अनुसार जेल अधीक्षक एसपी त्रिपाठी और जेलर महेन्द्र पाल को कार्य के प्रति उदासीनता और शिथिलता बरतने के लिये प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। निलंबन के दौरान एसपी त्रिपाठी डा संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।

एसपी त्रिपाठी के स्थान पर कासगंज के जिला कारागार अधीक्षक अशोक कुमार सागर को चित्रकूट भेजा गया है जबकि जेलर का कार्यभार अयोध्या जिला जेल के कारापाल सीपी त्रिपाठी को दिया गया है। उधर लखनऊ परिक्षेत्र के उप महानिरीक्षक संजीव त्रिपाठी को प्रयागराज भेजा गया है। उनको अयोध्या परिक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है वहीं मथुरा में वरिष्ठ अधीक्षक कारागार शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय को श्री संजीव त्रिपाठी के स्थान पर लखनऊ भेजा गया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह चित्रकूट जिला जेल में छिड़ी गैंगवार में अंशु दीक्षित नामक अपराधी ने गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन नामक दो शातिरों की हत्या कर दी थी। बाद में सुरक्षा बलों ने अंशु को मार गिराया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गंभीर रूख अपनाते हुये घटना की जांच के लिये तीन सदस्यीय टीम की घोषणा की थी और रिपोर्ट के लिये छह घंटे का समय दिया था।

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