बरेली: मौत हार्टअटैक से पीपीई किट में भेज रहे शव
बरेली, अमृत विचार। मौत की वजह में भले यह स्पष्ट न हो कि मौत कोरोना से हुई है लेकिन शव को पीपीई किट में भेजा जा रहा है। इससे उनके परिजन शव की अंत्येष्टि करने में डर रहे हैं। पीपीई किट में शव होने की वजह से लोग उसके पास आने से कतरा रहे हैं। …
बरेली, अमृत विचार। मौत की वजह में भले यह स्पष्ट न हो कि मौत कोरोना से हुई है लेकिन शव को पीपीई किट में भेजा जा रहा है। इससे उनके परिजन शव की अंत्येष्टि करने में डर रहे हैं। पीपीई किट में शव होने की वजह से लोग उसके पास आने से कतरा रहे हैं। कई बार तो परिजन श्मशान के लोगों से अंतिम संस्कार करने के लिए कह देते हैं।
श्मशान के कर्मचारियों की मानें तो पीपीई किट में हर दिन काफी शव आते हैं, लेकिन मृत्यु की वजह के लिए अस्पताल की ओर से जो कागज तैयार करके भेजे जाते हैं, उसमें तमाम मामलों में कोरोना लिखा ही नहीं होता है। लेकिन शवों के पीपीई किट में भेजे जाने से मृतकों के परिजन खौफजदा रहते हैं। श्मशान में ऐसे शवों के लाए जाने के बाद मृतकों के परिजन उन्हें हाथ लगाने से भी डरते हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना स्पष्ट न होने के बावजूद शवों को पीपीई किट में भेजे जाने से दहशत का माहौल रहता है। जबकि मौत की वजह में चिकित्सक निमोनिया, हार्टअटैक, टाइफाइड आदि बीमारियां भी शामिल कर रहे हैं। ऐसे में कई बार घबराहट की वजह से मृतक के परिजनों की तबीयत भी खराब होने लगती है। कुछ लोग तो अंतिम संस्कार करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाते।
बाद में श्मशान के लोगों की मदद से अंत्येष्टि की औपचारिकता पूरा कराया जाता है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि संदिग्ध कोविड वाले मरीजों से संक्रमण न फैले, इसलिए शवों को ढंकने के लिए पीपीई किट का इस्तेमाल जरूरी है।
कोविड से मरने वाले 10 लोगों का अंतिम संस्कार
रविवार को शहर के दो मुख्य श्मशान स्थलों पर कोविड से मरने वाले 10 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि अन्य वजहों से होने वाली मौतों की संख्या में कमी रविवार को भी बनी रहने से काफी राहत मिली है। रविवार को सिटी श्मशान भूमि में कुल 14 शवों को लाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इसमें कोविड से मरने वालों की संख्या चार रही। जो पहले के मुकाबले काफी कम है। इस वजह से यहां अंतिम संस्कार को लेकर आ रही दिक्कत भी खत्म हो गई है। इधर संजयनगर श्मशान स्थल पर कुल 19 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें कोविड से मरने वालों की तादाद छह थी।
